स्थानीय रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर लाइन नंबर एक पर बुधवार की सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से रेलवे में आपरेटिंग कंट्रोल के मुख्य लिपिक की मौत हो गई। इस घटना से रेलकर्मियों में खलबली मच गई। लिपिक रेलवे लाइन पार कर ड्यूटी आ रहा था। अलीनगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
हनुमानपुर निवासी बबलु यादव (36) पुत्र अंतु यादव को पिता के स्थान पर रेलवे में नौकरी मिली थी। वह आपरेटिंग कंट्रोल में मुख्य लिपिक के रूप में कार्यरत था। बुधवार की सुबह पौने आठ बजे वह घर से ड्यूटी जाने के लिए निकला था। वह रेलवे ट्रैफिक अस्पताल के पीछे से ड्यूटी जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर रहा था। इसी बीच मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। यह देख मौके पर काम कर रहे रेलकर्मियों की भीड़ जुट गई। यार्ड में तैनात रेलकर्मियों के शोर मचाने पर आरपीएफ एसआई बाल गंगाधर, जीआरपी कर्मी दल बल के साथ पहुंचे और उसे उठाकर रेलवे लोको अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना परिवार वालों को भी दी गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रेलकर्मी भी अस्पताल पहुंच गए। जीआरपी की सूचना पर अलीनगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वही घटना के बार परिजनों में कोहराम मच गया।
मालगाड़ी की चपेट में आने से मृत बबलु यादव को पिता अंतु यादव की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। दो भाईयों में बड़ा बबलु का छोटा भाई निजी काम करता है। बबलू की मौत के बाद पत्नी किरन का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। छोटे बच्चे खुशी (10) और अनिकेत (पांच) की देख भाल कौन करेगा यही सबसे बड़ा प्रश्न है। बबलु की मौत की सूचना पर हनुमानपुर स्थित घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुट गई लेकिन पत्नी के रोने की आवाज दिल दहला दे रही थी। महिलाएं किरन को सांत्वना देकर शांत कराना चाहती लेकिन स्वयं ही रोने लगती। बच्चों की तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि उसके पिता अब हमेशा के लिए उनसे दूर हो गए हैं।