ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अधिकारियों से नोटिस की मांग की तो कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया, बल्कि उन्हें कार्यालय बुला लिया गया। साथ ही, ग्रामीणों ने वीडीए द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी ओर से कोई हाथापाई नहीं की गई।
बाउंड्री गिराने के दौरान मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद बढ़ गया। वीडीए टीम ने ग्रामीणों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि ग्रामीण इसे गलत बता रहे हैं। घटना के बाद मामला चंदासी पुलिस चौकी पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता चल रही है।
मौके पर लाल बहादुर प्रधान, जोगेंद्र मौर्य, चरण सिंह मौर्य, कन्हैयाल लाल गुप्ता, गीता गुप्ता और जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्रवाई का विरोध किया। वीडीए के जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्र ने बताया कि कार्रवाई के दौरान तनाव हुआ था। हालांकि अब मामला शांत है। लोगों को कागज लेकर कार्यालय बुलाया गया है।