रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया से खास रिपोर्ट
रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया से अमर उजाला की टीम ने खास पड़ताल की। इस दौरान रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने बताया कि 2017 से पहले यहां पहुंचना भी मुश्किल था, सड़कें खराब थीं और वाहनों का आना-जाना लगभग ठप रहता था। लेकिन 2017 के बाद सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ, जिससे क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ। अब हालात यह हैं कि नए उद्योग लगाने के लिए जगह तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां प्लास्टिक, कार्टन, एल्युमिनियम, बिस्कुट, किचनवेयर और फर्नीचर समेत कई तरह की इंडस्ट्री संचालित हो रही हैं। साथ ही, पहले जहां अपराधियों में डर नहीं था, अब कानून-व्यवस्था बेहतर होने से अपराधियों की गतिविधियां लगभग खत्म हो गई हैं। वहीं, उद्यमी करण जौहरी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई नई कंपनियां यहां आई हैं, जिससे व्यापार में बढ़ोतरी हुई है और पहले की तुलना में अब अधिक ऑर्डर मिल रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना हजारों मरीजों को मिल रहा इलाज
ओडीएमसी योजना के तहत चंदौली में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद इलाके की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। अमर उजाला की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जमीनी हकीकत जानी। प्रिंसिपल डॉ. अमित सिंह ने बताया कि कॉलेज का निर्माण 2022 में शुरू हुआ और 2024 में पूरा हो गया। वर्तमान में यहां 200 छात्र अध्ययन कर रहे हैं और बड़े शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं, जिससे मरीजों को अब बाहर नहीं जाना पड़ता। रोजाना करीब दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के बनने से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है और करीब 100 स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। कंप्यूटर ऑपरेटर दिलनवाज ने कहा कि यहां कार्य व्यवस्था काफी बेहतर है और आने वाले समय में यह बच्चों के भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगा। वहीं, प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि अब छात्रों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है और उन्हें यहीं बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो रही है।
औद्योगिक विकास के समन्वय से चंदौली में बढ़ रहे अवसर
चंदौली में शिक्षा और उद्योग के बीच तालमेल से विकास को नई रफ्तार मिलती दिख रही है। डॉ. सारिका ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों के सर्वांगीण विकास पर लगातार काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया के तेजी से हो रहे विकास का सकारात्मक असर शिक्षा क्षेत्र पर भी पड़ेगा, जिससे छात्रों के लिए रोजगार और व्यावहारिक सीख के बेहतर अवसर तैयार होंगे। इस दिशा में हाल ही में एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा और उद्योग के समन्वय को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।