फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते सैकड़ों कुंतल गेहूं भींगा

विज्ञापन
विज्ञापन
क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते सैकड़ों कुंतल गेहूं भींगा
विज्ञापन

79 हजार मिट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 8908 मिट्रिक टन हुई खरी़द
सचित्र-
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौली/इलिया। तेज आंधी और पानी का असर गेहूं क्रय केंद्रों पर भी पड़ा है। जिले में बनाए गए 74 केंद्रों में से अधिकतर जगह खुले आसमान के नीचे रखा सैकड़ों कुंतल गेहूं रविवार की रात आए आंधी और पानी से भीग गया। प्रशासनिक लापरवाही के चलते परिसर में पानी भरने से खरीदा गया और किसानों का रखा गेहूं अब सड़ने के कगार पर पहुंचने लगा है। इससे किसानों के सामने सरकार व प्रकृति दोनों ने संकट पैदा कर दिया है।
इलिया क्षेत्र के खखड़ा गांव में यूपी एग्रो के गेहूं क्रय केंद्र पर बोरे के अभाव गेहू खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। वही तौल हो चुके गेहूं बोरी में भर कर रखा गया है। लेकिन मशीन ना होने की वजह से उसकी सिलाई नहीं हो सकी है और गेहूं खुले आसमान में पड़ा है। बेमौसम बारिश और आंधी ने गेहूं को बर्बाद कर दिया और परिसर में पानी भर गया जिससे गेहूं भींग कर खराब हो गया है। किसानों के गेहूं खरीद के लिए कुल 74 केंद्रों स्थापित किए गए है। जहां सभी केंद्रों पर खरीद शुरू होने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है, लेकिन सरकारी केंद्रों के प्रति किसानों की उदासीनता की वजह खरीदारी धीमी है। अब तक सिर्फ 8908 एमटी ही खरीद हो सकी है। वहीं रविवार की रात तेज आंधी व पानी ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं के साथ सरकारी गेहूं भी भींग गए है और केंद्रों पर पानी लग गया। इससे खरीद प्रभावित होना लाजमी है।
विज्ञापन

---------------
लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल
जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू है जो जून तक चलेगी। सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विटल निर्धारित है। जिले में 74 क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। 79 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। 8908.08 एमटी गेहूं खरीदा गया है, जो लक्ष्य का महज 11 फीसद है। विगत वर्ष अब तक स्थिति इससे काफी बेहतर थी। लॉकडाउन से भी खरीद प्रभावित हुई है। लेकिन अन्नदाताओं की उदासीनता की सबसे बड़ी वजह सरकारी समर्थन मूल्य और बाजार भाव का लगभग बराबर होना है। व्यापारी भी 1850 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों का गेहूं खरीद ले रहे हैं।
विज्ञापन

---------------
कोट
---------
गेहूं खरीद के लएि 74 क्रय केंद्र संचालित हैं। गेहूं को भींगने से बचाया जाएगा। इस सीजन में किसान गेहूं बेचने के लिए रुचि नहीं ले रहे। सरकारी समर्थन मूल्य और बाजार भाव में समानता इसकी वजह हो सकती है।
- अनूप श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें