पीडीडीयू नगर। बेपटरी हुई आलू, प्याज सहित सब्जियों की बढ़ी कीमत के बाद अब लहसुन के बढ़े भाव ने लागों की मुश्किल और बढ़ा दी है। सब्जी मंडियों में लसहुन 240 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इससे दाल सहित अन्य सब्जियों में तड़का लगाना असंभव साबित हो रहा है। वहीं प्याज की कीमत भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इससे मध्यम व निम्न मध्यम वर्ग की महिलाओं के लिए किचन संभालना मुश्किल बना हुआ है।
सब्जी मंडियों में नया आलू 30 व पुराना 18, प्याज 70, मशरूम 250, हरी मटर 120, गोभी 20 से 50, परवल 120, साग वाला प्याज 50, बोड़ा 60, करेला 40, टमाटर 30, मूली 30, भिंडी 40, नेनुआ 60, बैंगन 30, लौकी 40, गोभी 30 से 40 प्रति नग, सेम 80, कोहड़ा 40, शिमला मिर्च 70, कुंदरू 40 व अदरक 80 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक रहा है। इससे गरीबों के लिए सब्जियां खाना लगभग असंभव हो गया है। सब्जी विक्रेता अशोक जायसवाल का कहना है कि सब्जियों की खेती नष्ट होने से इनके दामों में उछाल आया है। वहीं मंडी में सब्जियों के आमद की रफ्तार भी धीमी बनी हुई है। इससे इनके भाव में तेजी बनी हुई है। वहीं गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों के भाव में तेजी आने से अन्य विकल्पों की ओर निगाह टिक गई है। इन दिनों वे चना, राजमा, छोले, सोयाबीन की बड़ी आदि को प्रमुखता दे रही हैं।