चंदौली। जिले में शनिवार को एक अलग मामला डीएम नवनीत सिंह चहल के सामने पहुंचा। कोडरिया गांव की एक प्रसूता बहू ने अपनी आंगनबाड़ी सास पर पुष्टाहार वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी ज्ञापन दिया है। उसका कहना है कि पुष्टाहार नहीं मिलने से वह कमजोर हो गई है। कई बार शिकायत करने के बाद भी विभागीय अधिकारी मामले में दखल नहीं दे रहे है। उसकी शिकायत पर डीएम ने सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव को मामले की जांच करने रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
कोडरिया गांव में पद्मावती को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त किया गया है। गांव में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं व बच्चों में नियमित पुष्टाहार वितरण होता है। शनिवार को खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बहू ने अपने पति के साथ डीएम के सामने उपस्थित होकर सास पर आरोप लगाया। आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में कभी पुष्टाहार नहीं दिया। गर्भावस्था के दौरान भी उसे पुष्टाहार नहीं मिला। दो माह पूर्व बच्चा पैदा हुआ। कार्यकर्ता से कई बार पुष्टाहार देने की मांग की, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई लाभ नहीं हुआ। अंत में थक-हारकर डीएम के दरबार में पहुंच अपनी समस्या बताई। डीएम ने तत्काल सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव व डीपीओ नीलम मेहता से फोन पर वार्ता की और पूरे प्रकरण की जांच कराने का निर्देश दिया। डीपीओ ने सकलडीहा सीडीपीओ को मामले से अवगत कराते हुए पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। डीपीओ नीलम मेहता ने बताया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। सीडीपीओ को जांच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। आरोप सही पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी।