चंदौली। कभी जिले की सड़कों पर अवैध वसूली करने और भ्रष्टाचार के आरोप में मिर्जापुर जेल में बंद पूर्व एआरटीओ आरएस यादव की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। शासन ने एसपी हेमंत कुटियाल से पूर्व एआरटीओ के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की सूची तलब की है। उप परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद पुलिस महकमा मुकदमों का लेखा-जोखा और इसके प्रमुख सहयोगियों पर की गई कार्रवाई का विवरण एकत्र करने में जुट गया है। वहीं एआरटीओ कार्यालय की ओर से भी उसका पूरा लेखा-जोखा मांगा गया है।
पिछली सरकारों के समय कभी अपनी रसूख के चलते सड़कों पर भारी वाहनों से वसूली करने का सिंडिकेट चलाने वाले पूर्व एआरटीओ आरएस यादव कार्फी चर्चा में रहे। उनके इशारे पर भारी वाहनों को पूरब से लेकर पश्चिम तक कोई दूसरा अधिकारी हाथ नहीं डालता था। लेकिन प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही धीरे धीरे आरएस यादव पर शिकंजा कसने लगा। तब सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने पूर्व एआरटीओ के चालक और एक सिपाही को गिरफ्तार करके काले कारोबार का पन्ना खोल दिया। जिसमें चालक के बयान के आधार पर पुलिस ने पूर्व एआटीओ आरएस यादव को लखनऊ से वाराणसी जाते 10 जून 2017 को जौनपुर के मछलीशहर से गिरफ्तार किया गया था। एआरटीओ के खिलाफ सदर और सकलडीहा कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज कराए गए। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली, वाहन चालकों से मारपीट कर लूट-खसोट कराने समेत अन्य आरोप हैं। फिलहाल आरएस यादव मीरजापुर जिला कारागार में बंद हैं। अब शासन ने निलंबित एआरटीओ के अपराधों लेखा जोखा तलब किया है। जिसे तैयार कराने के लिए पुलिस के अधिकारी जुटे हुए है। इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय से भी तैनात होने की तिथि से लेकर मामले के खुलासा होने तक और पूरा विवरण मांगा गया है। सदर सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि शासन से पूर्व एआरटीओ के खिलाफ दर्ज मुकदमों और उसकी प्रगति की रिपोर्ट मांगी गई है। जिसे तैयार कराकर शासन को भेजने की तैयारी चल रही है।