चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना में अभी कई दुश्वारियां हैं। जो स्पीड ब्रेकर बनकर इस योजना के रफ्तार को धीमी कर रही हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इस योजना में लगे कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों के संचालक भी पूरे सिस्टम से अनभिज्ञ हैं। उनको भी अब तक पूर्ण रुप से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। दोष स्वास्थ्य विभाग का हो चाहे पूरे सिस्टम का लेकिन इसका खामियाजा लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
जनपद में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 24 अस्पतालों से अनुबंध किया गया था। इसमें 19 निजी और पांच सरकारी अस्पताल शामिल थे। लेकिन कार्ड धारकों की शिकायत और इलाज में लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी 19 अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिया। इसमें बाकी 17 निजी अस्पतालों में इलाज तो नियमित शुरू हो गया लेकिन दो निजी अस्पतालों की घोर लापरवाही पर उन्हें आयुष्मान योजना में चयनित अस्पतालों की सूची से बाहर कर दिया गया। अब इस योजना में 17 निजी और पांच सरकारी अस्पताल यानी कुल 22 अस्पतालों में लाभार्थी इलाज करा सकते हैं। वहीं 70 हजार से अधिक कार्ड धारक हैं। अब तक इन सभी अस्पतालों में कुल मिला कर मात्र 3850 मरीजों को इसका लाभ मिल पाया है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है । इस योजना को लेकर स्वास्थ्य महकमा कितना जागरूक है।
आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को जो प्रधानमंत्री के तरफ से आई पाती को बांटने की जिम्मेदारी आशा बहुओं के कंधे पर सौंपी गई थी। पीएम की पाती को आशा बहु लाभार्थियों के घर पहुंचा दिया ही हैं। इतना ही नहीं आशा बहुओं को टोल फ्री नंबर दिया गया है। वह इस नंबर के जरिए इस पाती को सक्रीय करेंगी। प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए लेटर को लेकर जब लाभार्थी अस्पतालों में भर्ती होने पहुंचेगा तो उसको तुरंत गोल्डन कार्ड जारी किया जाएगा। इसी गोल्डन कार्ड के जरिए लाभार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे।
आयुष्मान भारत योजना की जानकारी देने के लिए जिला अस्पताल में हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है। यहां आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है। जहां पर पहुंचकर लाभार्थी अपना राशनकार्ड या नाम पता बताकर जानकारी ले सकता है कि सूची में नाम दर्ज है कि नहीं है।
आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। जनपद में इस योजना के पात्र लोगों के इलाज के लिए कुल 24 अस्पतालों का चयन किया गया था। योजना में लापरवाही बरतने पर दो अस्पतालों के संचालन पर रोक लगा दिया गया है। जनपद में 22 अस्पताल योजना के लाभार्थियों को लाभाविंत कर रहे है। अभिनव कुमार श्रीवास्तव, जिला शिकायत अधिकारी आयुष्मान भारत ।