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इतिहास के पन्नों में धानापुर कांड को नहीं मिली जगह

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धानापुर। स्थानीय कस्बा स्थित शहीद हीरा सिंह स्नात्कोत्तर महाविद्यालय के गांधी सभागार में राजनीति विज्ञान परिषद के बैनर तले बुधवार को %भारतीय स्वाधीनता संग्राम में धानापुर कांड का महत्व% विषयक व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति गीत व डा. आरके.सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत कर किया।
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मुख्य वक्ता एल.उमाशंकर सिंह ने कहा कि वर्ष 1942 के उस आंदोलन को भड़काने के लिए तत्कालीन थानेदार जिम्मेदार है। यदि उसने सीधे तरीके से झंड़ा फहराने का मौका दे दिया होता तो लोगों की जान नहीं गई होती। कहा कि जनपद की धरती ने हमेशा इतिहास रचने का काम किया है। बावजूद इसके धानापुर कांड को इतिहास के पन्नों में जगह नहीं मिल पाई। डा. देवेंद्र प्रताप यादव ने आंदोलन के अगुआ बाबू प्रसिद्ध नारायण सिंह व नेतृत्वकर्ता कामता प्रसाद विद्यार्थी के जुनून पर चर्चा की। कार्यक्रम संयोजक डा.सुभाष राम ने व्याख्यान की भूमिका प्रस्तुत की। इस मौके पर जेपी रावत, अंजनी सिंह, गोविंद सिंह, डा.डीबी सिंह, मुकेश मौर्य, डा.सत्य प्रकाश वर्मा, सुमन निर्मल, रीना सिंह, किरन यादव, विरभान सिंह, राम सिंह गहरवार, डा.दीपक सिंह, डा.कैलाश नाथ सिंह उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्राचार्य डा.आरएन शर्मा व संचालन डा. रामप्रवेश नेे किया।
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