पीडीडीयू नगर। पड़ाव से पचफेड़वा के बीच हर्बल मार्ग पर तीन किलोमीटर तक लगाए गये औषधीय पौधे पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण सूख गये हैं। अब स्थिति यह है कि ट्री गार्ड भी झाड़-झंखाड़ से पट गये हैं। 2020 में इस मार्ग पर 14 किमी तक दौ सौ औषधीय पौधे लगाए जाने थे किंतु मात्र तीन किमी तक पौधे लगाए गये और वह भी अब नष्ट हो गये।
शासन के निर्देश पर पड़ाव से पचफेड़वा तक जीटी रोड के दोनों किनारों को औषधीय पौधे लगाए जाने के लिए चयनित किया गया था। इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई थी। कार्यक्रम का आरंभ तो जोरशोर से किया गया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सड़क के मात्र तीन किमी हिस्से तक लगाए गए पौधे भी सूख गए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए लगे ट्री गार्डों में कुछ गिर गए हैं तो कुछ झाड़-झंखाड़ से पटे हुए हैं। औषधीय पौधों को लगाए जाने के कारण इस मार्ग का नाम हर्बल मार्ग रखा गया है।
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नाम हर्बल मार्ग, उगे हैं झाड़-झंखाड़
औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए जून 2020 में पड़ाव से पचफेड़वा तक 14 किमी तक सड़क के दोनों किनारों पर लगभग 200 पौधे लगाए जाने थे। इसके साथ मार्ग के इस हिस्से का नाम हर्बल मार्ग रखा गया। इसके लिए विभाग को 4.20 लाख रुपये दिए गए थे। पौधे केवल डांडी से दामोदरदास पोखरे तक लगाए गयेे।
जीटी रोड के इस हिस्से का नाम हर्बल मार्ग रखकरबोर्ड भी लगा दिया है लेकिन वहां एक भी औषधीय पौधे नहीं हैं। चंदासी स्थितएक मॉल के सामने सड़क की उत्तरी पटरी पर लगाया गया बोर्ड धूल फांक रहा है। वहीं ट्रीगार्ड में पौधे भी रोपे गए लेकिन अब उनका अता-पता नहीं है। औषधीय पौधे कीजगह झाड़ियों का अंबार लगा हुआ है।
हर्बल रोड के रूप में चयनित जीटी रोड के इस हिस्से पर करीब 50 औषधीय पौधे लगाए गए थे। इन पौधों में अधिकांश को पशुओं ने नष्ट कर दिया है। शीघ्र ही नए ट्री गार्ड लगाकर नए सिरे से पौधे लगवा दिए जाएंगे। डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।