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आक्सीजन की मांग घटी, अब सिर्फ आठ घंटे ही चल रहे हैं प्लांट

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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कोविड अस्पतालों में बढ़ी आक्सीजन की मांग अब काफी कम हो गई है। हालात यह है कि 24 घंटे चलने वाले आक्सीजन प्लांट अब 16 घंटे बंद रह रहे हैं। एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार पिछले दिनों जिले के छह प्लांटों से जहां रोजाना कुल पांच हजार आक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति होती थी, जो कि घटकर एक हजार से कम रह गई है। वहीं आक्सीजन सिलिंडर रीफिल कराने के लिए प्लांट के बाहर गेट पर लगी लोग की भीड़ की जगह आज सब कुछ सुनसान पड़ा है।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सबसे अधिक आक्सीजन की किल्लत हुुई थी। जिले के छह आक्सीजन प्लांट से हर रोज गाजीपुर, बनारस, जौनपुर समेत अन्य जिलों के कोविड अस्पतालों में पांच हजार आक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की जाती थी। इसके अलावा प्लांटों के बाहर भी सैकड़ों की संख्या में लोग सिलिंडर रीफिल कराने के लिए खड़े रहते थे। स्थिति में सुधार होने के साथ ही आक्सीजन की मांग काफी कम हो गई है। वहीं प्लांटों के बाहर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। इंडेन एयर गैसेज के सेल्स मैनेजर राकेश पांडेय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आक्सीजन की मांग काफी कम हो गई है। मेडिकल इस्तेमाल के लिए अब सिर्फ दो सौ से ढाई सौ सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। आपूर्ति कम होने से कई घंटे तक प्लांट को बंद रखना पड़ रहा है।
पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में आक्सीजन प्लांट से अस्पतालों के साथ ही विभिन्न इंडस्ट्रीज के लिए आक्सीजन की आपूर्ति की जाती थी। कोरोना काल में शासन के निर्देश पर प्लांट से सिर्फ अस्पतालों को ही आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आते ही आक्सीजन की मांग भी कम हो गई है। इसके चलते आक्सीजन प्लांट संचालकों को काम भी कम हो गया है। इससे प्लांट संचालकों को आर्थिक नुुकसान हो रहा है। प्लांट संचालकों ने इंडस्ट्रीयल आक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह से बहाल करने की मांग की है। प्लांट पर कार्यरत अधिकारियों ने कहा कि यदि उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई तो काफी घाटा हो जाएगा। संवाद
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