चंदौली। प्रदेश के साथ पिछड़े जिले चंदौली में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले तीन वर्षों में जिले में विकास हुआ है। विकास के लिए 2720 करोड़ रुपये खर्च किए गए। योजनाएं और परियोजनाएं अब धरातल पर दिख रही है। पिछली सरकारों ने जिले के लोगों से सौतेला व्यवहार किया। लेकिन अब हर वर्ग सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। ये बातें बृहस्पतिवार को मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए जिले के प्रभारी व सूबे के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कही।
कहा कि तीन वर्षों में 62 करोड़ की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण व मरम्मत का काम कराया गया। इसके अलावा मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3457 शौचालय बने। सांसद आदर्श गांव जरखोर में 96.11 करोड़ की लागत से तमाम विकास कार्य कराए गए। आकांक्षात्मक जनपद को मेडिकल कालेज, ट्रामा सेंटर और सकलडीहा क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज की सौगात मिली। स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा। 1.3 लाख पात्र परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड बांटे गए हैं। वहीं 5523 गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली। कहा कि सौभाग्य योजना के तहत 63,125 घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन और उजाला योजना में 1.57 लाख एलईडी बल्ब बांटे गए। नियामताबाद के कठौड़ी में वृहद गोवंश आश्रय स्थल बनकर तैयार हो गया है। पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान पर भी सरकार धन खर्च कर रही है।कहा कि नीति आयोग की रैकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने पर केंद्र सरकार की ओर से जिले को 10 करोड़ और दूसरे स्थान के लिए पांच करोड़ का इनाम दिया था। कहा कि कांग्रेस की सरकार में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी थीं। इस दौरान डीएम नवनीत सिंह चहल, विधायक साधना सिंह, शारदा प्रसाद, एसपी हेमंत कुटियाल, सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, कुमार हर्ष, सिपू गिरी, राघवेंद्र सिंह, एसएन पाल मौजूद रहे।
चंदौली। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिले के 13567 किसानों को दो करोड़ 82 लाख आपदा राहत के तौर पर सहायता दी गई। वहीं मुख्यमंत्री खेत-खलिहान दुर्घटना सहायता योजना के तहत 35.81 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। सरकार ने कृषि प्रधान जनपद के 21705 किसानों का 94.158 करोड़ फसली ऋण माफ किया। जिले में 315 करोड़ की लागत से 3.60 लाख घरों में शौचालय बने। 112 करोड़ की लागत से 15,992 प्रधानमंत्री और 24.206 करोड़ से 1862 मुख्यमंत्री आवासों का निर्माण कराया गया।