चंदौली जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. राम प्रकाश शाह (97) का शनिवार की रात निधन हो गया। उन्होंने नगर के मैनाताली स्थित अपने आवास पर रात साढ़े आठ बजे अंतिम सांस ली। डॉ शाह अपने पीछे पांच पुत्र, बहु सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। डॉ शाह के निधन की खबर मिलते ही श्रद्धांजलि देने के लिए नगर के गणमान्य लोगों का तांता लग गया।
डॉ. राम प्रकाश शाह ने महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया था। आंदोलन के दौरान अंग्रेजों की गोली से वे जख्मी भी हुए थे। बाद में उन्होंने जेल की सजा काटी। देश की आजादी के बाद डॉ. राम प्रकाश शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भलाई के काम में लग गए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तराधिकारी (आश्रित) सेवा संस्थान का गठन कर स्वतंत्रता सेनानियों को एकजुट किया। कवि हृदय डॉ. राम प्रकाश शाह ने साहित्य की सेवा करते हुए समता सूरज नामक किताब लिखी थी। इसमें अपनी काव्य रचनाओं के साथ स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को संजोया था।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेता राणा सिंह, रमेश जायसवाल, चेयरमैन संतोष खरवार, पूर्व चेयरमैन राजकुमार जायसवाल, भागवत नरायन चौरसिया, शमीम मिल्की, अरुण आर्य आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। रविवार की सुबह शव यात्रा निकाली जाएगी।