बाग में आम के पेड़ों पर लगे फलों को देख कर बागवान हरिवंश सिंह को इस बार बढ़िया पैदावार होने की उम्मीद थी। पेड़ भी फसल से लदे हुए थे लेकिन बगीचे में लगी आग ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। तहसीलदार सदर अजीत सिंह का कहना है कि प्रभावित को सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा।
आग की चपेट में आकर गेहूं का डेढ़ सौ बोझ जला
कंदवा क्षेत्र के कुंवा गांव में रविवार की शाम चार बजे कृष्णा तिवारी के खलिहान में आग लगने से मड़ाई के लिए रखे गेहूं के डेढ़ सौ बोझ जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक गेहूं के बोझ व पास की झोपड़ी जलकर राख हो गए थे।
राजकीय अस्पताल के पास कृष्णा तिवारी का गेहूं का बोझ मड़ाई के लिए रखा हुआ था। दोपहर में अचानक बोझ में आग लग गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचते, आग ने भयानक रूप धारण कर लिया और गेहूं के बोझ के साथ पास में स्थित रामलाल तिवारी की झोपड़ी को भी अपने चपेट में ले लिया। रामलाल के परिवार के लोगों ने बाहर भाग कर अपनी जान बचाई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया लेकिन तब तक गेहूं के बोझ के साथ झोपड़ी जलकर राख हो गई।
चुनावी मौसम में कार्रवाई न होने के चलते खेत में गेहूं का ठूंठ फूंकने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। इसका खामियाजा आसपास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। असना और कुंवा गांव में हुई अगलगी की घटना इसका प्रमाण हैं। खेतों में फूंकी गई ठूंठ के चलते असना में जहां फलदार पेड़ों के साथ सैकड़ों बांस जल गए वहीं हाईटेंशन तार गल गया और पोल भी धराशायी हो गया। वहीं कुंवा में गेहूं के बोझ के साथ झोपड़ी जलकर राख हो गई।
ददवा पर गांव में सौ बोझ गेहूं जला, सरने गांव में ठूंठ में लगी आग
अलीनगर थाना के सरने ग्राम पंचायत के ददवा पर गावं में रविवार की दोपहर में दो बजे आग से दलसिंगार प्रजापति का लगभग 100 बोझ गेहूं जल गया। वहीं आग से गांव में भरत बिंद का ढाई बीघा की पुआल जल गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची अग्नि शमन विभाग ने आग बुझाई। दूसरी तरफ सरने गांव में जलती सिगरेट फेंकने से राजेश्वर सिंह के खेत में गेहूं के ठूंठ में आग लग गई। आग उससे सटे गेहूं तक पहुंचती। इससे पहले ही अग्नि शमन दल ने आग बुझा दी। इससे लगभग छह बीघा फसल जलने से बच गई। आग लगने से अरूणेश सिंह, गोविंद सिंह, सोनू की ढाई बीघा पराली जल गया।