मिल्कीपुर के पास सोमवार की रात ढाई बजे परिवहन विभाग के सिपाहियों ने मैजिक चालक को पीटकर 45 सौ रुपये छीन लिए। उसके वाहन के शीशे तोड़ डाले। इसमें से तीन हजार रुपये एकाउंट में लेने का आरोप चालक ने लगाया है।
मिल्कीपुर के पास सोमवार की रात ढाई बजे परिवहन विभाग के सिपाहियों ने मैजिक चालक को पीटकर 45 सौ रुपये छीन लिए। उसके वाहन के शीशे तोड़ डाले। इसमें से तीन हजार रुपये एकाउंट में लेने का आरोप चालक ने लगाया है। चालक ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के रामापुरा निवासी राजकुमार यादव ने बताया कि सोमवार की रात ढाई बजे वह अपनी मैजिक में सीमेंट लादकर मिर्जापुर से वाराणसी जा रहा था।
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मिल्कीपुर में सफेद बोलेरो खड़ी थी जिस पर एआरटीओ लिखा था। उसके पास दो वर्दीधारी और सफेद कपड़ों में दो लोग खड़े थे। उन्होंने गाड़ी रुकवाई और कागजात मांगे। चालक ने कहा कि सभी कागजात सही है तो सिपाहियों ने कहा कि इस रूट पर सीमेंट ले जाना अवैध है।
उन्होंने कहा कि 10 हजार रुपये देने पर ही वे उसे जाने देंगे। बहुत ज्यादा दबाव बनाने पर चालक ने एक सिपाही के अकाउंट में 3000 रुपये डाले। मगर वे इसके बाद भी नहीं माने और पैसे के लिए उसे मारने-पीटने लगे। गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। गाड़ी में पैसे खोजने लगे। चालक की जेब से 45 सौ रुपये सिपाहियों ने निकाल लिए। उनके जाने के बाद चालक ने 112 नंबर पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची।
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मुगलसराय थानाध्यक्ष दीनदयाल पांडे ने बताया कि चालक ने परिवहन विभाग के दो सिपाहियों पर वैसे छीनने और मारने पीटने का आरोप लगाया है। अकाउंट में भी पैसे डलवाए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। सीओ अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है।
एआरटीओ प्रणव झा का कहना है कि विभाग का कोई सिपाही वहां नहीं था। आरटीओ लिखी दोनों गाड़ियां उनके आवास में खड़ी हैं। जिन सिपाहियों पर आरोप है उनकी ड्यूटी आरटीओ प्रवर्तन के साथ थी और आरटीओ प्रवर्तन अवकाश पर हैं। चेकिंग आदि की बात निराधार है। उन्होंने बताया कि वैसे जिस गाड़ी की शिकायत की जा रही है, उसके सभी कागजात फेल हैं।