दो माह बाद थाना दिवस आरंभ हुआ। थाना दिवस पर व्यवस्था बदली रही। पुलिस का व्यवहार भी शालीन रहा। फरियादियों को बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें पीने के लिए पानी भी मिला। समस्या धैर्यपूर्वक सुनी गई। मामले तो पंद्रह आए लेकिन समाधान एक का भी नहीं हो सका। अधिकारियों ने मामले के निस्तारण एक सप्ताह से एक पखवारे के बीच करने का निर्देश दिया।
सैयदराजा संवाददाता के अनुसार जिलाधिकारी कुमार प्रशांत और एसपी दीपिका तिवारी ने शनिवार को थाने पर आयोजित थाना दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद के छह मामले आए। इस पर अधिकारियों ने हल्का लेखपालों को समझा बुझाकर मामले का समाधान कराने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी जमीन संबंधी विवाद हो जैसे सरकारी जमीन पर कब्जा , चारागाह , तालाब के किनारे कब्जा व चकरोड का विवाद, इसे दोनों पक्षों को समझा बुझाकर कराएं। जिलाधिकारी ने लेखपालों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी जैसा भी विवाद हो लेकिन खेती में जिसने खेती की होगी वहीं फसल काटेगा।
यदि किसी खेती करने वाले को फसल न काटने देने की शिकायत मिली तो उस लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चंदौली संवाददाता के अनुसार सदर कोतवाली में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस व राजस्व विभाग से सम्बन्धित चार शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े, जिसमें एक भी प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो सका। अधिकांश मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे।
सकलडीहा संवाददाता के अनुसार कोतवाली में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों पर नकले कसने के लिए खुद एडीएम राजेश सिंह व एडिशनल एसपी रामजी यादव ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल पांच शिकायती प्रार्थना पत्र पडे़ जिसमें से मौके पर किसी का निस्तारण नहीं हो सका।