विभिन्न जोनों से आये स्काउट एवं गाइड कैडेटों ने मार्च पास्ट कर मुख्य
अतिथि को सलामी दी। डीआरएम ने एडवेंचर्स कैंप का भी निरीक्षण किया। इस
दौरान उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड देश एवं समाज को एक सूत्र में पिरोने का
काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे के विभिन्न जोनों से आए कैडेट
अपनी सांस्कृतिक धारणाओं से लोगों को प्रभावित करेंगे। ये स्काउट गाइड देश
के योग्य एवं सक्रिय बच्चे हैं। कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं जो विभिन्न
प्रांतों से आकर एक मंच पर समाहित हो अपनी भाषा, खान-पान एवं रहन-सहन
विविधताओं के बावजूद एक नजर आते हैं।
इस अवसर पर वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी
सह जिला मुख्य आयुक्त स्काउट एंड गाइड सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि
भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा पूर्व मध्य रेल को स्वतंत्र
राज्य संघ के रूप में मान्यता प्रदान किया गया है। जिसके बाद यह अखिल
भारतीय रेल कब बुलबुल उत्सव पूर्व मध्य रेलवे का प्रथम कार्यक्रम है।
जिसमें दक्षिण पश्चिम रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य, दक्षिण पूर्व, पूर्व, ईस्ट
कोस्ट, उत्तर, पूर्वोत्तर, रेलवे के अलावा पूर्व मध्य रेल के छह मंडलों के
लगभग छह सौ प्रतिभागी एवं उनके कोच शामिल हो हैं। यह आयोजन छह से दस वर्ष
तक के बालक बालिकाओं के लिए है। जिसका ‘थीम बेटर, चिल्ड्रेन बेटर’ कंट्री
है।
इस अवसर पर प्रतीतम दत्ता, एनके मेहता, ममता राय, एके सिन्हा, नीरज
मिश्रा, जीवानंद मिश्रा, आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन रामदेव सिंह
ने किया। उत्सव का समापन 21 दिसंबर को होगा।