कोतवाली क्षेत्र के खोर गांव में सोमवार की देर शाम दो गुटों के बीच मामूली बात को हुई मारपीट और पत्थरबाजी के मामले में मंगलवार को दोनों गुटों के 18 नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें चार को पुलिस जेल भेज दिया है। गांव में अंमित संस्कार स्थल की दीवार की मरम्मत को लेकर पिछले दो तीन दिनों से दोनों गुटों के लोगों के बीच कहासुनी चल रही थी। सोमवार की देर शाम इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। आसपास की दुकानें बंद होने लगीं और अफरातफरी का माहौल हो गया। सूचना मिलते ही एसपी अंकुर अग्रवाल, एएसपी विनय कुमार सिंह, सीओ राजेश कुमार राय और सकलडीहा कोतवाल विमलेश कुमार मौर्य सहित धानापुर की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने गांव में शांति व्यवस्था कायम की। साथ ही घटना में शामिल चार लोगों को पकड़कर थाने ले आई।
सीओ राजेश कुमार राय ने बताया कि घटना को लेकर 18 नामजद सहित 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। चार को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इनसेट........
पुलिस अलर्ट रहती तो नहीं होता बवाल
सकलडीहा। ग्रामीणों के अनुसार अंत्येष्टि स्थल की भूमि पर दोनों पक्ष के लोग आते-जाते है। पिछले कुछ दिनों से दीवार की मरम्मत को लेकर कहासुनी हो रही थी। एक पक्ष बनवाने के पक्ष में था तो दूसरा पक्ष पैसा नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहा था। इसकी जानकारी पुलिस चौकी पर तैनात इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों को थी। यदि पुलिस पहले ही अलर्ट हो जाती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। संवाद