सकलडीहा। कोरोना महामारी के दौरान गरीबों के लिए आए सरकारी खाद्यान्न को बाजार में बेच दिए जाने के आरोप में एसडीएम के निर्देश पर गुरैनी गांव के कोटेदार पर शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच में कोटेदार पर विभिन्न योजनाओं के तहत मिले 48 कुंतल 30 किलो अनाज की कालाबाजारी करने की बात सामने आने पर पूर्ति विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है।
गुरैनी गांव के कोटेदार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 48 कुंतल 30 किलो की अनाज की कालाबाजारी करने का आरोप लगा एसडीएम के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया। एमआईएस की रिपोर्ट पर पूर्ति विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को गुरैनी कोटेदार के यहां छापा मारी थी। इस दौरान 198 कार्ड के सापेक्ष 131 कार्ड धारकों को अनाज वितरण करने की जानकारी मिली। जांच के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और आत्म निर्भर योजना सहित अन्य योजना के तहत 28 कुंतल 34 किलो गेहूं और 19 कुंतल 96 किलो चावल के अलावा चीनी व चना की कालाबाजारी होने की पुष्टि की गई। छापा मारने वाली टीम ने दुकानदार की घोर लापरवाही पर एसडीएम के निर्देश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत उचित दर विक्रेता बुलेट चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसडीएम प्रदीप कुमार ने बताया कि वितरण कम होने, अंगूठा लगाकर राशन नहीं देने, घटतौली करने व अधिक मूल्य लेने वाले कोटेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। छापा मारने वाली टीम में पूर्ति निरीक्षक अमित द्विवेदी, केके मिश्रा और पूर्ति लिपिक नितिन कुशवाहा शामिल रहे।