धानापुर। थाना क्षेत्र के चेतादूबेपुर गांव निवासी जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में तैनात सेना के जवान कुलदीप मौर्य का छह सितंबर को निधन हो गया था। जवान के पार्थिव शरीर को गांव पहुंचने पर पूर्व विधायक सहित क्षेत्रीय लोगों ने स्थानीय थाना चौराहे पर पार्थिव शरीर को रखकर जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। वहां जाम लगने और कोरोना काल में भीड़ जुटाने के आरोप में सपा के पूर्व विधायक सहित 29 लोगों के खिलाफ धानापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें चार नामजद और और 25 अज्ञात हैं।
सेना के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचने पर पूर्व विधायक सहित लोग शहीद का दर्जा दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर दिया था। जिसमें सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डबलू, जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव, पूर्व सैनिक अंजनी सिंह व सतीश सेठ आका सहित कुल 29 लोग शामिल हैं। इन लोगों पर विभिन्न धाराओं सहित महामारी अधिनियम के तहत पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस के अनुसार नामजद चारो आरोपी मंगलवार की सुबह साढ़े छह बजे क्षेत्र के पूरा चेता दूबे निवासी जवान कुलदीप मौर्य के पार्थिव शरीर को रोककर धरने पर बैठ गए और घंटों तक चौराहे को जाम रखा। जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। गौरतलब है कि पूंछ के राजौरी सेक्टर में तैनात जवान कुलदीप कुमार की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। जिनका पार्थिव शरीर मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे कस्बा स्थित थाने चौराहे पर पहुंचा। जहां परिजनों ने कुलदीप मौर्य को शहीद का दर्जा देनें तथा परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशि व बेटे को नौकरी दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। इस संबंध में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि कोरोना काल में भीड़ जुटाने और रास्ता जाम करने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का कहना है कि जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर विरोध जताने पर सत्ता पक्ष के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है। इससे भय पैदा किया जा रहा है लेकिन जनता के लिए संघर्ष जारी रहेगा।