नारायनपुर पंप कैनाल से निकली गंगा नहर का तटबंध रविवार की सुबह चार बजे
नेगुरा गांव के समीप टूट गया। इसके चलते नेगुरा, मसौनी, मझवार गांव में
पानी भर गया।
खासकर घरों में पानी भरने से किसानों में सिंचाई
विभाग के अधिकारियों के खिलाफ काफी नाराजगी रही। मौके पर पहुंचे सहायक
अभियंता केएन सिंह ने कर्मचारियों की मदद से शाम चार बजे तटबंध को फिर से
बांधा। संयोग से खेतों में गेहूं कट जाने के कारण किसान बड़े नुकसान से बच
गए।
किसानों का कहना है कि मरम्मत और रखरखाव के कारण उक्त नहर
का तटबंध कई स्थानों पर जर्जर हो चुका है। स्थिति यह है कि पानी छोड़ने पर
कहीं न कहीं तटबंध दबाव के कारण टूट जाता है। किसानों ने विभागीय
अधिकारियों से कई बार मरम्मत के लिए गुहार लगाई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान
नहीं दिया।
लापरवाही के चलते ही नारायनपुर पंप कैनाल से निकली गंगा नहर का
तटबंध रविवार को पानी के दबाव के कारण टूट गया। इसके चलते नेगुरा के खेतों
में नहर का पानी बहने लगा।
धीरे-धीरे पानी मसौनी व मझवार गांव में
लोगों के घरों तक में पानी घुसने लगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने नहर के
मुख्य अभियंता को सूचना दी। सूचना के बाद सहायक अभियंता केएन सिंह विभागीय
कर्मचारियों संग पहुंचे और तटबंध को बांधा। इसके बाद लोगों ने राहत की
सांस ली।