पीडीडीयू नगर। जिले के कस्बों में बिजली के ट्रांसफाॅर्मर के नीचे और उनसे सटाकर दुकानें चल रही हैं। 30 से ज्यादा ट्रांसफाॅर्मर के नीचे चाय-पान, फल, सब्जी, अंडा, नाश्ता समेत अन्य दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों पर सुबह से रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। इससे कभी बड़ा हादसा हो सकता है। न तो बिजली विभाग सुरक्षा मानकों का पालन करा पा रहा है और न प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है।
बिजली निगम के लोगों का कहना है कि ट्रांसफाॅर्मर के नीचे या आसपास किसी प्रकार का व्यवसाय करना बेहद खतरनाक है। ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी होने पर ट्रांसफाॅर्मर से चिंगारियां निकलती हैं। तेल रिस सकता है या उसमें आग लग सकती है। ऐसी स्थिति में दुकानदार, ग्राहक और राहगीर गंभीर हादसे का शिकार हो सकते हैं। शहर के सुभाष मोड़, पुराने बस स्टैंड, गल्ला मंडी, पंजाब नेशनल बैंक के समीप, रविनगर मोड़, भिसौड़ी, अलीनगर थाना परिसर के सामने, सीओ कार्यालय के पास ट्रांसफाॅर्मरों के दुकानें सजती हैं। कई जगह दुकानदारों ने स्थायी रूप से अपना सामान भी रखा है। इन दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
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लोगों ने कहा, समस्या गंभीर पर नहीं है किसी का ध्यान
ट्रांसफाॅर्मर में स्पार्किंग और फॉल्ट की घटनाएं होती हैं। यदि किसी दिन ट्रांसफाॅर्मर में विस्फोट हुआ या आग लगी बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते हैं। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने या सुरक्षा घेरा बनाने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। - रामफल चौहान, बिछड़ी
बिजली निगम और प्रशासन को यह लापरवाही पता है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। ट्रांसफाॅर्मरों के नीचे धड़ल्ले से दुकानें चल रही हैं। सभी ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाए और निर्धारित दूरी के भीतर लगने वाली दुकानों को तत्काल हटाया जाए। - अभिषेक, कूढ़कला
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सुबह से रात तक रहती है ग्राहकों की भीड़
ट्रांसफाॅर्मर के नीचे सबसे ज्यादा चाय-पान, नाश्ता, फल और सब्जी की दुकानें लगती हैं। सुबह कार्यालय और काम पर जाने वाले लोग यहां चाय-नाश्ता करते हैं। शाम को भी लोगों की भीड़ जुटती है। कई जगह ग्राहक ट्रांसफाॅर्मर के नीचे बैठकर घंटों समय बिताते हैं।
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बरसात के मौसम में खतरा ज्यादा
बरसात के मौसम में ट्रांसफाॅर्मर में लीकेज, स्पार्किंग और फॉल्ट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अर्थिंग या उपकरणों में तकनीकी खराबी से करंट उतरने और आग लगने की घटना हो सकती है। ऐसे में ट्रांसफाॅर्मर के नीचे बैठना और दुकानें लगाना बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
केस-1 : सुभाष पार्क
पीडीडीयू नगर में सुभाष पार्क के पास ट्रांसफाॅर्मर के नीचे चाय और पान की कई दुकानें लगती हैं। सुबह से देर शाम तक यहां ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है और लोग ट्रांसफाॅर्मर के नीचे चाय-नाश्ता करते हैं। ट्रांसफाॅर्मर में तकनीकी खराबी या स्पार्किंग के खतरे के बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे कभी बड़ा हादसा हो सकता है।
केस-2 : अलीनगर थाना के सामने
अलीनगर थाने के सामने ट्रांसफाॅर्मर के आसपास कई दुकानें लगती हैं। दिनभर यहां खरीदारी करने वालों और राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और बिजली निगम के अधिकारियों की नजर के सामने यह स्थिति होने के बावजूद अतिक्रमण हटाने या सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
केस-3 : रविनगर मोड़
पीडीडीयू नगर के रविनगर मोड़ पर सेंट्रल बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के सामने ट्रांसफाॅर्मर से सटकर चाट, बड़ा पाव का ठेला और इडली, डोसा की दुकान लगती है। ट्रांसफाॅर्मर को घेरकर यह दुकानें लगाई जाती हैं। डोसा की दुकान पर रोज 200 से ज्यादा ग्राहक आते हैं। सुबह से देर शाम तक यहां ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। ट्रांसफाॅर्मर में तकनीकी खराबी या स्पार्किंग होने पर बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
केस-4 : भिसौड़ी, दुलहीपुर
दुलहीपुर क्षेत्र के भिसौड़ी गांव में भी बिजली ट्रांसफाॅर्मर के नीचे फल, सब्जी, चाय और पान की दुकानें लगती हैं। यहां भी बड़ी संख्या में ग्राहक और राहगीर जुटते हैं। बरसात के मौसम में ट्रांसफाॅर्मर के आसपास लोगों की मौजूदगी खतरे को और बढ़ा देती है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया जा रहा है।
कोट
ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास दुकानें लगाना असुरक्षित है। ऐसा नहीं होना चाहिए। जिले के तीनों डिवीजनों के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश देकर जिला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई कराई जाएगी।
जसमीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, चंदौली
पीडीडीयू नगर के गल्लामंडी के समीप ट्रांसफार्मर के पास सजी दुकानें। संवाद