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Chandauli News: दलित मतों के बिखराव से बसपा प्रत्याशी की जमानत जब्त

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दलित मतों के बिखराव से बसपा प्रत्याशी की जमानत जब्त
- चंदौली लोकसभा के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को मिले 14.32 प्रतिशत वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। चंदौली लोकसभा सीट से बसपा सत्येंद्र मौर्या की जमानत जब्त हो गई। उन्हें 159903 वोट मिले, जो कुल पड़े 1116499 मतों का 14.32 प्रतिशत है। बसपा की करारी हार के पीछे दलित मतोंं में बिखराव, प्रत्याशी उतारने में देरी और किसी बड़े नेता की जनसभा नहीं होना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
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चंदौली लोकसभा सीट पर दलित और मौर्या बिरादरी को मिलाकर करीब छह लाख मतदाता हैं। बहुजन समाज पार्टी ने वर्ष 1989 के चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उस समय जगन्ननाथ कुशवाहा बसपा प्रत्याशी थे और वह 15.32 प्रतिशत मत पाकर तीसरे स्थान पर आए थे। फिर 1991 के लोकसभा चुनाव में बसपा से छवि मौर्या को 19.51 फीसदी वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान आए थे। वहीं, 1996 में बसपा ने हेमंत कुमार कुशवाहा को मैदान में उतारा था। उस वक्त भी बसपा को हार का सामना करना पड़ा था। हेमंत को 21.69 प्रतिशत मत मिले थे। इसके बाद 1998 में शशिकांत राजभर बसपा से लड़े थे। वह 27 प्रतिशत मत पाकर चुनाव हार गये थे। वर्ष 1999 में कमला राजभर बसपा से मैदान में थे। उन्हें 26.03 प्रतिशत वोट मिले थे और वह भी पराजित हुए थे। इसके बाद बसपा ने वर्ष 2004 में कैलाश नाथ यादव को प्रत्याशी बनाया। कैलाशनाथ 29.04 प्रतिशत मत पाकर जीत हासिल की थी। वर्ष 2009 में बसपा ने फिर से कैलाश नाथ यादव को प्रत्याशी बनाया लेकिन इस बार सपा के रामकिशुन से हार गए। इस चुनाव में बसपा को 12.42 प्रतिशत वोट मिले थे। वर्ष 2014 में बसपा के अनिल कुमार मौर्या प्रत्याशी थे, जिन्हें बीजेपी के डाॅ. महेंद्रनाथ पांडेय ने हराया था। इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी को 16.16 फीसदी वोट मिले थे। वर्ष 2019 में बसपा और सपा गठबंधन था। इस चुनाव सपा के सिंबल से संजय सिंह चौहान मैदान में थे। दोनों दलों के मिलने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी डाॅ. महेंद्रनाथ पांडेय जीत हासिल करने में सफल हुए थे।
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