‘चंदौली महोत्सव’ में शुक्रवार की रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाहर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम का उद्घाटन वाराणसी के कमिश्नर आरएम श्रीवास्तव ने किया।
उन्होंने कहा कि चंदौली महोत्सव प्रतिभाओें के उज्ज्वल भविष्य की पहल है। इस तर्ज पर व्यास महोत्सव भी चंदौली में कराया जाएगा। कलाकारों ने जिस प्रकार से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह काबिले तारीफ है। जगह-जगह विभागों के स्टाल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
इसके बाद मंडलायुक्त जनपद के अधिकारियों संग महोत्सव में लगे स्टालों का निरीक्षण किया। दूसरी ओर महोत्सव स्थल पर लगे झूले का लोगों ने भरपूर आनंद लिया। इसके अलावा जादू आदि कार्यक्रम भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।
देर रात गए बलवंत सिंह ने भींगी रंग भींगी चुनरिया गीत गाया। मदन राय ने भेजल करिहा पतिहा, ऐ कलकतिया बालम व लागल चुनरिया में दाग तनि देखिबी धोबिनियां के अलावा अपशगुन गीत भी गाया। निर्गुण सम्राट भरत शर्मा व्यास ने भी भवरवा के तोहरा संग जाई प्रस्तुत कर लोगों को भावविभोर कर दिया। इसके अलावा सुरजीत अलबेला ने देशभक्ति की प्रस्तुति की। उन्होंने वीर रस के गीतों को सुनाया, जिसे सुन श्रोता झूम उठे।
आराधना सिंह ने मटकी फोड़ गए दइया, हाय सखि रे कन्हैया की प्रस्तुति की। पार्श्व गायिका वर्षा तिवारी ने देवी गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विजय लाल यादव ने अपने चिर परिचित अंदाज में आगाज करते हुए लोगों को लोकगीत सुनाकर मोहित किया। कुमार व्यास ने भी गजलों की प्रस्तुति की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके पूर्व रामजन्म यादव ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। देवरिया से आए स्कूली बच्चों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति की।