स्थानीय ब्लॉक के पूरा चेता दुबे गांव में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। गांव निवासी सलाउद्दीन और अरशद हुसैन अंसारी का आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी में उनकी चार बिस्वा पैतृक जमीन की रजिस्ट्री दूसरे को कर दी गई है। सलाउद्दीन ने बताया कि वे परिवार के साथ लंबे समय से पश्चिम बंगाल में रह रहे थे, परिवार के अन्य सदस्य गांव में खेती-बाड़ी करते थे। इसी बीच बिना उनकी जानकारी के गांव के एक व्यक्ति ने जमीन बेच दी। उनका कहना है कि वे पिछले डेढ़ महीने से सकलडीहा तहसील के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रजिस्ट्री के लिए क्रेता-विक्रेता की मौजूदगी अनिवार्य होती है, तो उनकी अनुपस्थिति में प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
पीड़ितों ने धानापुर थाने के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मदद करने के बजाय दरोगा ने उन्हें डांटकर भगा दिया।वहीं गवाह ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल क्रेता और विक्रेता के कहने पर गवाही दी थी और उनका इस मामले से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में सकलडीहा एसडीएम कुंदन राज कपूर ने कहा कि बिना क्रेता-विक्रेता की मौजूदगी के रजिस्ट्री संभव नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। क्रेता और विक्रेता दोनों को बुलाया गया है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।