कृषि के साथ पशुपालन को स्वरोजगार का जरिया बनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सही जानकारी, आधुनिक तकनीक और उचित प्रबंधन से पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। यह बातें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूबीआई आरसेटी) में सोमवार को पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ पर संस्थान के निदेशक एवं एलडीएम आशीष कुमार ने कहीं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों और किसानों को पशुपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन रोजगार और आय का बेहतर माध्यम बन सकता है। इसके लिए पशुओं की नस्ल, खान-पान, स्वास्थ्य, टीकाकरण और उचित देखभाल की जानकारी जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का व्यावहारिक उपयोग कर प्रशिक्षणार्थी आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर सकते हैं। कार्यक्रम में आरसेटी के फैकल्टी अमरेश कुमार सिंह ने संस्थान की ओर से आयोजित होने वाले आगामी निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। बताया कि जल्द ही एसी एवं फ्रिज रिपेयरिंग, बकरी पालन और मोबाइल फोन रिपेयरिंग का प्रशिक्षण कराया जाएगा। इन कार्यक्रमों में युवक-युवतियों और किसानों को रोजगारपरक कौशल सिखाया जाएगा। उन्होंने इच्छुक लोगों से प्रशिक्षण का लाभ उठाकर कौशल विकास और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
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निशुल्क प्रशिक्षण के लिए करें संपर्क
आरसेटी अधिकारियों ने बताया कि आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक युवक-युवतियां और किसान अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए फैकल्टी अमरेश कुमार सिंह से संपर्क कर सकते हैं। संस्थान की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में निशुल्क प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।