कंदवा। मनरेगा समेत विभिन्न विकास योजनाओं में भुगतान और कार्यों की स्वीकृति नहीं मिलने से नाराज प्रशासक ग्राम प्रधानों ने सोमवार को 12 बजे बरहनी ब्लॉक मुख्यालय पर ताला लगा कर विरोध जताया। ग्राम प्रशासकों (प्रधानों) का आरोप है कि पुरानी मनरेगा योजनाओं में कराए गए पक्के कार्यों का करीब 13 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, वीबी-जी रामजी योजना में मजदूरों की मजदूरी के लिए करीब 12 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं हुआ है। इससे विकास कार्य प्रभावित होने के साथ मजदूरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति है।
अंजनी सिंह, प्रशासक ग्राम प्रधान कम्हरिया, पूजा सिंह प्रशासक ग्राम प्रधान अरंगी, अनूप सिंह प्रशासक ग्राम प्रधान घोसवा, गौतम तिवारी प्रशासक ग्राम प्रधान कल्याणपुर ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत पक्के कार्यों के लिए करीब 2.86 करोड़ रुपये अग्रिम उपलब्ध हैं, लेकिन किसी भी ग्रामसभा में अब तक कार्य की आईडी जारी नहीं हुई है। कच्चे कार्यों के लिए भी नए कार्यों की स्वीकृति नहीं दी जा रही है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
करीब साढ़े तीन घंटे बाद 3. 30 बजे डीसी मनरेगा आरके चतुर्वेदी बरहनी पहुंचे और प्रशासक ग्राम प्रधानों को समझाकर ब्लॉक का ताला खुलवाया। उन्होंने एक सप्ताह में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान बीडीओ शरद चंद्र शुक्ल, एडीओ पंचायत प्रेमचंद, एडीओ कोऑपरेटिव राजेश सिंह, रितेश सिंह, अंजनी सिंह, अजीत सिंह, अनूप सिंह, गौतम तिवारी, जयशंकर सिंह समेत प्रशासक ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
सामग्री मद का भुगतान नहीं हुआ तो प्रधान करेंगे सामूहिक अनशन
धानापुर। वीबीजी रामजी योजना के तहत कराए गए विकास कार्यों के सामग्री मद का भुगतान नहीं होने से नाराज ग्राम प्रधानों ने सोमवार को धानापुर ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रधानों ने ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह और खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार को डीएम के नाम संबोधित पत्रक सौंपकर लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि 30 सितंबर तक बकाया भुगतान नहीं हुआ तो सामूहिक आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह, रामजी कुशवाहा, आशुतोष सिंह, मिंटू, लक्ष्मण सिंह, धरमा देवी, पप्पू यादव, धरम सिंह, ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
कोट
प्रशासक ग्राम प्रधानों को समझाकर ब्लॉक का ताला खुलवा दिया गया है। एक सप्ताह में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।-आरके चतुर्वेदी, डीसी मनरेगा