केंद्र द्वारा आपदा राहत कोष के तहत प्रदेश सरकार को आवंटित धनराशि का
प्रदेश सरकार दुरुपयोग कर रही है तथा किसानों को दो हेक्टेयर की जगह एक
हेक्टेयर तक ही मुआवजा दे रही है।
जिससे किसानों में भारी नाराजगी
व्याप्त है। उक्त विचार स्थानीय गांधी पार्क में भारतीय जनता पार्टी द्वारा
आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने व्यक्त
किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसानों के मुद्दे पर सड़क से
लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंधी, पानी
तथा ओलावृष्टि से गेहूं की फसल की बर्बादी को देखते हुए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के किसानों को मदद के लिए भारी भरकम धनराशि
आपदा राहत कोष में जारी की है। लेकिन केंद्र सरकार के पैसे का दुरुपयोग
करते हुए राज्य सरकार ने इसे एक हेक्टेयर तक सीमित कर दिया, जो किसानों
के साथ विश्वासघात है।
सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी आवास तक
मार्च निकाला तथा राज्यपाल को संबोधित 8 सूत्रीय मांगों से संबंधित
ज्ञापन उपजिलाधिकारी रमाशंकर द्विवेदी को सौंपा।
ज्ञापन में बाणसागर
परियोजना का पानी चंद्रप्रभा बांध तक लाने, बढ़ी विद्युत दर को वापस
लेने, गेहूं क्रय केंद्रों से किसानों का भुगतान करने तथा सड़कों के
निर्माण की मांग सम्मिलित थी।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रभारी अवनीश
सिंह, राणाप्रताप सिंह, आलोक सिंह, गोपालशरण सिंह, विजयशंकर पांडेय, अनिल
तिवारी, रामकृत एड., अभिषेक मिश्रा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष
सर्वेश कुशवाहा व संचालन काशीनाथ सिंह ने किया।