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भगवान जगन्नाथ पहुंचे अपने घर

Sat, 09 Jul 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला /चंदौली
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मुगलसराय रेलवे स्टेशन के समीप काली मंदिर से भगवान जगन्नाथ के रथ को ले जाते भक्त।
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बीमार होकर मौसी के घर स्वास्थ्य लाभ के लिए निकले भगवान जगन्नाथ शुक्रवार की सुबह अपने घर वापस लौट गए। इसके साथ ही तीन दिवसीय रथयात्रा का समापन हो गया। पूरी रात काली मंदिर के पास     विश्राम करने के बाद भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के रथ को खींच कर राम मंदिर पहुंचाया। इस दौरान भक्तों के जयकारे से बाजार          गूंजता रहा। 
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तीन दिवसीय रथयात्रा के दूसरे दिन रात आठ बजे भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा का रथ दामोदरदास पोखरा से होकर जीटी रोड पर रेलवे स्टेशन के समीप मां काली मंदिर के समीप पहुंचा। यहां रथ पर सवार भगवान के दर्शन पूजन के लिए भक्तों की लाइन लगी। इस दौरान काफी संख्‍या में श्रद्धालु मौजूद थे। 

 रथ के समीप ही भक्त बैठे और पूरी रात भजन कीर्तन किया। इस दौरान यहां मेले जैसा माहौल रहा। पूरी रात मंदिर के किनारे भगवान के जयकारे लगते रहे। इस दौरान जीटी रोड की उत्तरी पटरी पर जाम की स्थिति रही। इससे वाहन दायी पटरी से होकर गुजरे। यहां भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।  सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। पूरी रात आराम करने के बाद शुक्रवार की सुबह विधि विधान से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बड़े भाई बलदाऊ के विग्रहों की शोडषोपचार विधि से पूजन अर्चन कर आरती उतारी गई और प्रसाद का वितरण किया गया।
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अंतिम दिन भगवान के विग्रहों के दर्शन के लिए भक्तों की कतार रही। इसके बाद भक्तों ने ढोल नगाड़ों के साथ रथ को खीचना शुरू किया। भगवान के रथ को खींचना सौभाग्य सूचक माना जाता है। ऐसे में कौन भला इस अवसर से चूकता। लिहाजा रथ को खींचने की होड़ लगी रही। श्रद्धालु एक-दूसरे से रथ की डोर छीनने में लगे रहे। रथ के राम मंदिर पहुंचते ही वातावरण जयकारे से गूंज उठा। भगवान का घर पहुंचने पर अभिनंदन किया गया। भक्तों ने भगवान की आरती उतारी।  भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ से उतारा गया और विधि-विधान से मंदिर में स्थापित किया गया। 
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