घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
शुरुआती जांच में पुलिस ने जमीनी विवाद समेत सभी पहलुओं पर काम शुरू किया। गांव के लोगों से पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान एक ऐसा तथ्य सामने आया जिसने पूरी जांच की दिशा बदल दी।
जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी और गांव के ही सुनील यादव उर्फ कवि के बीच पिछले चार-पांच वर्षों से कथित प्रेम संबंध थे। इसको लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया गया कि घटना से लगभग एक सप्ताह पहले विवाद के बाद मृतक की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी।
पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद बेचई ने गांव में आरोपी सुनील और उसकी कथित गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से उजागर करना शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील आगामी प्रधानी चुनाव की तैयारी भी कर रहा था और उसे यह सब अपनी सामाजिक छवि और प्रतिष्ठा पर सीधा हमला लगने लगा। अपनी बेइज्जती से आक्रोशित आरोपी ने बदला लेने की ठान ली और हत्या की योजना तैयार कर डाली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन वह अहरौरा गया और एक लोहार की दुकान से लोहे की कुल्हाड़ी खरीदी। रात में गांव लौटने के बाद वह अपने खेत पर सोने चला गया और देर रात मौका देखकर कुल्हाड़ी लेकर चोरी-छिपे मृतक के घर पहुंच गया।
चारपाई पर गहरी नींद में सो रहे बेचई पर उसने गर्दन पर कुल्हाड़ी से तेज वार किया। पुलिस के मुताबिक मृतक शोर न मचा सके, इसलिए आरोपी ने उसका ही गमछा फाड़कर उसके मुंह में ठूंस दिया। हत्या के बाद आरोपी कुल्हाड़ी को अपने खेत में गाड़कर वापस वहीं जाकर सो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
घटना के बाद पुलिस लगातार तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच करती रही। रविवार की शाम करीब आठ बजे मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने मोकरम बंधी के पास घेराबंदी कर आरोपी सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर खेत में छिपाई गई हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की गई।