मणिपुर के इंफाल में आयोजित फुटबाल में विजेता टीम। स्रोत:-जागरूक पाठक
- फोटो : चौबेजोत के पास हुए हादसे के बाद जांच करती पुलिस।
पीडीडीयू नगर। भारतीय फुटबॉल में उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का नया अध्याय जुड़ गया है। चंदौली निवासी युवा फुटबॉल प्रशिक्षक विवेक सिंह के नेतृत्व में बनारस बागपत फुटबॉल क्लब ने तृतीय श्रेणी राष्ट्रीय फुटबॉल लीग प्रतियोगिता का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। अपने पहले सत्र में राष्ट्रीय स्तर की पेशेवर फुटबॉल प्रतियोगिता जीतने वाली यह उत्तर प्रदेश की पहली टीम बन गई है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में 16 से 24 मई तक आयोजित प्रतियोगिता में बनारस बागपत फुटबॉल क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की। टीम की इस ऐतिहासिक सफलता में चंदौली जिले के करवत गांव के खिलाड़ी चंदन यादव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्लब की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसकी स्थापना मार्च 2026 में हुई थी और मात्र दो महीने के भीतर इसने राष्ट्रीय स्तर का खिताब जीत लिया। भारतीय फुटबॉल के इतिहास में किसी नए क्लब द्वारा इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि मजबूत प्रबंधन, सुनियोजित रणनीति और खिलाड़ियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। जिस मुकाम तक पहुंचने में कई टीमों को वर्षों लग जाते हैं, वहां यह क्लब अपने पहले ही प्रयास में पहुंच गया।
युवा प्रशिक्षक की रणनीति बनी सफलता की कुंजी
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे सबसे बड़ी भूमिका मुख्य प्रशिक्षक विवेक सिंह की रही। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति, अनुशासित तैयारी और दूरदर्शी सोच के बल पर उन्होंने टीम को राष्ट्रीय चैंपियन बनाया। अपने पहले ही सत्र में खिताब जीतकर उन्होंने प्रदेश और देश के युवा प्रशिक्षकों के लिए नई मिसाल कायम की है।विवेक सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, सहयोगी स्टाफ के समर्पण और क्लब प्रबंधन के भरोसे को दिया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने एक परिवार की तरह कार्य किया और हर खिलाड़ी ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
प्रबंधन के विश्वास ने बढ़ाया मनोबल
विवेक सिंह ने बताया कि क्लब के अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने टीम और प्रबंधन पर पूरा भरोसा जताया। खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर दिया गया। इसका सकारात्मक परिणाम मैदान पर दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर माहौल और स्पष्ट लक्ष्य के कारण टीम पूरे टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ खेली और अंततः विजेता बनने में सफल रही।
उत्तर प्रदेश फुटबॉल के लिए नई शुरुआत
बनारस बागपत फुटबॉल क्लब की यह जीत केवल एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश फुटबॉल के लिए नई क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है। इस सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का उत्साह बढ़ेगा। खेल प्रेमियों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को भारतीय फुटबॉल का एक मजबूत केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।