चोरी के मामले का खुलासा करने के बजाय जबरदस्ती उस पर पर्दा ढंककर अधिकारियों के आंखों पर पर्दा डालने का आरोप लगा है। चहनिया कस्बा में व्यापारी बानेश्वर मजूमदार ने आरोप लगाया कि डेढ़ माह पूर्व उनके घर में हुई चोरी का खुलासा करने के बजाय पुलिस ने जबरदस्ती धमकाकर एक पत्र में घर में गहने होना लिखवा लिया। जबकि तीन दिन पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करते समय चोरी गये गहनों के खाली डब्बे मिले। परिजनों ने पुनः बलुआ थाने में इसकी सूचना मौखिक दी है ।
चहनिया कस्बा के रहने वाले बानेश्वर मजूमदार कस्बा में ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर की रात में चोरों ने घर में घुसकर मन्दिर में रखे आलमारी को खोलकर बगल के दराज में रखे सोने के दो हार, 14 सोने की अंगूठी, चार जोड़ी सोने का बाली झुमका, एक सोने का मंगलसूत्र व 40 हजार रुपये नकद चुरा ले गये थे। उस समय 112 नम्बर पर सूचना देने के साथ ही बलुआ थाने में एसओ अशोक मिश्रा को तहरीर दी थी।
आरोप है कि चार दिन बाद थाने के एसआई सीपी सिंह घर पहुंचकर परिजनों से जबरदस्ती लिखवाया कि बानेश्वर की पत्नी का मानसिक संतुलन ठीक नही हैं। उसने गहने व रुपये दूसरे बक्से में रखकर चोरी होने का हवा उड़ा दी। ऐसा न करने पर परिवार को ही फंसाने की धमकी दी थी। 26 नवम्बर को चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की साफ सफाई करते वक्त चोरी स्थल से सौ मीटर पर सबसे पीछे ओटी के जेवरात के डिब्बे मिले।
बिडंबना है कि पुलिस खुलासा करने के बजाय मामले को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है । परिजनों द्वारा पुनः बलुआ इंस्पेक्टर को मौखिक सूचना दिया। इस संदर्भ में बलुआ इंस्पेक्टर डॉ. आशीष मिश्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर जल्द खुलासा होगा।