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सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया बाबा कीनाराम का अवतरण दिवस

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चहनियां। बाबा कीनाराम का अवतरण दिवस मंगलवार को सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। कोरोना की वजह से इस वर्ष कोई धूम धाम नहीं किया गया। भक्तों के यहां पहुंच कर दर्शन पूजन और कीनेश्वर महादेव के अभिषेक पर रोक रही। हालांकि मठ के पुरोहितों ने पूजन अर्चन किया। बाद में बाबा की भव्य आरती उतारी गई और उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। महान संत कीनाराम का जन्म भाद्रपद मास के अमावस्या तिथि को मनाई जाता है। जन्म स्थली रामगढ़ में प्रति वर्ष तीन दिवसीय समारोह मनाया जाता रहा। यहां देश के कोने कोने से भक्त पहुंचते और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच गोष्ठी में बाबा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा होती थी। इस वर्ष कोरोना की वजह से समारोह को स्थगित कर दिया गया। वहीं सादगीपूर्ण तरीके से बाबा का अवतरण दिवस मनाया गया। सुबह अघोराचार्य बाबा कीनाराम की मूर्ति को स्नान कराया गया। विधि विधान से पूजन अर्चर कर बाबा का शृंगार कियागया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की भव्य आरती उतारी गई। वहीं कुछ महिलाओं ने बाबा के अवतरण दिवस पर सोहर गाए। हालांकि भक्तों के न आने से मठ पर वैसी हलचल नहीं दिखी। मुख्य गेट पर भीड़ को अंदर न जाने के लिए बलुआ इंस्पेक्टर सतेंद्र यादव ने पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया था । मठ में पुरोहित और मठ से जुड़े लोगों को जाने की इजाजत दी गई।
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बाबा कीनाराम के अवतरण दिवस पर विधायक सैयदराजा सुशील सिंह ने दर्शन पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाबा कीनाराम की महिमा किसी से छिपी नही है। साक्षात देव स्वरूप बाबा ने अनेक कल्याण किए। मुर्दे में जान डालना, जमीन पर लात मारकर पानी निकलना, जेल में चक्की को इशारा करते ही अपने से चक्की चलना आदि कई कार्य बाबा कीनाराम ने किया है।
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