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आयुष्मान योजना- चंदौली

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चंदौली। गरीबों और जरूरतमंदों को गंभीर बीमारी से निबटने और उनके इलाज के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत जिले में 1.24 लाख परिवारों को चिह्नित किया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते अभी 7491 परिवार गोल्डन कार्ड के लिए भटक रहे हैं। ऐसे लोग जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और सीएचसी पर चक्कर काट रहे हैं मगर उनका कार्ड नहीं बन पा रहा है।
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केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया था। वर्ष 2011 में हुई आर्थिक सामाजिक जनगणना के आधार पर जिले के एक लाख 24 हजार परिवारों को इसमें शामिल किया गया। अभी तक एक लाख 16 हजार 509 परिवारों को ही कार्ड मिल पाया है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार का पांच लाख रुपये तक कैशलेश उपचार होना है। मगर स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस योजना को पलीता लगा रहे हैं। वे पात्रों का गोल्डन कार्ड बनवाने से लापरवाही कर रहे हैं।
चंदौली। आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारकों के इलाज में लापरवाही भी हो रही है। 1.16 लाख कार्ड धारकों में अब तक सिर्फ 11500 लोगों को ही इलाज की सुविधा मिल पाई है। बाकी लोगों को या तो भर्ती नहीं किया जा रहा है या फिर वे जानकारी के अभाव में इलाज के लिए भटक रहे हैं।
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चंदौली। इस योजना में कार्ड पाए परिवारों के इलाज के लिए जिले के पांच सरकारी और 28 निजी चिकित्सालयों को चयनित किया गया है। आयुष्मान भारत के जिला शिकायत अधिकारी अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को लाभ देने के लिए सरकार की ओर से विशेष गोल्डन कार्ड अभियान चलाया जा रहा है। पीएम व सीएम के पत्र के साथ आधार कार्ड व राशन कार्ड लेकर किसी भी सेवा केंद्र पर लाभार्थी पहुंच कर कार्ड बनवा सकते हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत जनपद में जिन गांवों में अभी तक एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं वहां कार्ड बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से माइक्रो प्लान तैयार कर एक नवंबर से अभियान चलाया जा रहा है।
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डॉ. आरके मिश्र,सीएमओ।
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