गहिला स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय स्वतंत्रता दिवस पर भी बंद रहा। शुक्रवार को ध्वजारोहण में शामिल होने के लिए जब स्थानीय लोग पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि चिकित्सालय लगभग पिछले दो महीने से बंद पड़ा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिहार सीमा से सटे इस क्षेत्र में यह आयुर्वेदिक चिकित्सालय ही एकमात्र आरोग्य केंद्र है। ग्रामीणों के अनुसार यहां न तो कोई डॉक्टर आता है, और न ही कोई फार्मासिस्ट। यहां इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज निराश लौटते हैं। मंगरही ग्राम प्रधान पति अजय यादव (विक्की) ने बताया कि चिकित्सालय बंद रहने को लेकर कई बार उपजिलाधिकारी नौगढ़ से शिकायत की गई है। लिखित पत्रक भी सौंपा गया है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। उन्होंने कहा किअगर चिकित्सालय को जल्द चालू नहीं किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने बताया कि चिकित्सालय बंद होने का मामला जानकारी में है। इसके लिए संबंधित अधिकारी से बात की गई है। जल्द ही चिकित्सालय खुलवाया जाएगा।