सैकड़ों आशा व आशा संगिनी कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आशाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सचिव रेखा सिंह ने आशा व आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम 18 हजार और 24 हजार मासिक वेतन देने तथा जब तक मांग पूरी न हो, तब तक वर्तमान प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने की मांग की।
ईपीएफ, ईएसआई, निशुल्क बीमा, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की सहायता, आशा संगिनी को सुपरवाइजर का दर्जा देने, मोबाइल व टैबलेट उपलब्ध कराने, विजिट के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी अथवा यात्रा भत्ता देने की मांग की।
इसके अलावा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ तथा आयुष्मान कार्ड का लाभ परिवार सहित देने की मांग उठाई गई।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि कोविड काल सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में आशा और आशा संगिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी मांगों पर जल्दी निर्णय लिया जाना चाहिए। ज्ञापन आशा व आशा संगिनी कर्मचारी संगठन, उत्तर प्रदेश भारतीय मजदूर संघ संबद्ध की ओर से सौंपा गया। इस दौरान गीता देवी, पूनम देवी, रीता देवी, आशा तिवारी आदि मौजूद रहीं।