पीडीडीयू नगर। गलवां नदी घाटी में एलएसी पर चीन के झड़प की घटना से देशवासियों में गुस्सा है। इस घटना में देश के कर्नल सहित बीस सैनिकों की शहादत से लोग मर्माहत हैं। इस घटना को लेकर जिले के लोग भारत सरकार से चीन को सैन्य कार्रवाई के साथ आर्थिक प्रतिबंध और कूटनीतिक स्तर पर आक्रामक रूख अपनाने की मांग कर रहे है।
पूर्व सैनिक और समाजसेवी अंजनी सिंह कहते हैं कि 1962 में भारत को धोखे से जंग में ढकेलने वाला चीन हमेशा धोखेबाजी से सैन्य एक्सरसाइज एवं पेट्रोलिंग के बहाने भारतीय भू भाग को कब्जाने में माहिर है। चीन की नियत जंग की ओर इशारा करती है। ऐसे में सरकार को भी अटैक मूड में आना चाहिए। सेना में कैप्टन रह चुके परशुरामपुर निवासी रमेशचंद्र शर्मा ने कहा कि चीन को समझना होगा कि भारत पहले वाला देश नहीं है। आज का भारत माकूल जवाब देना जानता है। सरकार को आक्रामक मूड में आने की जरूरत है। सिर्फ सैन्य ही नहीं बल्कि कूटनीतिक स्तर पर तेज प्रयास की जरूरत है। नगर के कैलाशपुरी निवासी वरिष्ठ नागरिक लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिल यादव ने कहा कि चीन ने फिर धोखा किया है। सरकार को चाहिए कि चीन से सारी वार्ताएं बंद करें तथा उससे भी पहले सारे व्यावसायिक संबंध समाप्त करे। सूडान में भारतीय सैनिकों ने ही पीस कीपिंग फोर्स के रूप में गये चीनियों की जान बचाई थी। कैलाशपुरी निवासी वरिष्ठ नागरिक वीके अब्भी ने कहा कि चीन शुरू से ही धोखेबाज दोस्त रहा है। चीन की विस्तारवादी नीति के कारण ही लगभग सभी पड़ोसी देशों से उसका सीमा विवाद चल रहा है। यह माकूल समय है जब हम चीन को जवाब दे सकते हैं। प्रधानमंत्री को अपने कूटनीतिक चाल दिखानी होगी। प्रतिष्टित व्यापारी कैलाश किशोर पोद्दार ने कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना से जंग लड़ रहा है। इसका फायदा उठाकर चीन एलएसी की स्थिति बदलना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है। इलेक्ट्रानिक व्यवसायी अजय सचदेवा ने कहा कि भारत मजबूत देेश है। पिछले कुछ वर्षों में विश्व स्तर परभारत की अच्छी शाख बनी है। इसका फायदा उठाकर चीन को विश्व सेअलग थलग कर उसे कमजोर करने की जरूरत है।
02. चीन की कायरना हरकत पर फूटा गुस्सा
नाराज लोगों ने फूंके गए चीन के झंडे और पुतले
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। भारत चीन सीमा पर लद्दाख में गलवन घाटी में एलएसी बदलने के लिए गोलीबारी करने की कायराना हरकत की घटना को लेकर लोगों में गुस्सा है। बुधवार को जिले के अलग अलग इलाकों में अलग अलग संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चीन का झंडा को फूंका। वहीं नगर के लोगों ने चीन के राष्ट्रपति का पुतला दहन किया। इस दौरान चीन को माकूल जवाब देने की मांग की गई।
शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष संगीता सिंह और शहर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दशरथ चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीटी रोड पर गुरुद्वारा के समीप चीन का झंडा को फूंका। इस दौरान चीन के खिलाफ नारेबाजी की और चीन के सामान का बहिष्कार करने का आह्वान किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के भारत में व्यापार बंद करो, चीनी सामान का बहिष्कार करो, चीनी एप डिलिट करो, चीनी मोबाइल का प्रयोग बंद करो आदि नारे से बाजार गूंज उठा। इस मौके पर शीतलचंद्र राय, आजाद सिंह, आशीष चंदेल, बाबूलाल, प्रमोद मौर्या, अजीत गिरी, दिलीप पाल, तेज प्रकाश मलिक, दिलीप प्रतिबानी, सहदेव जयसवाल रहे। इसी तरह नगर के सभ्रांत नागरिकों ने नगर के सुभाष पार्क में आशीष गुप्ता के नेतृत्व में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंका। इस दौरान चीन के सामान का भी बहिष्कार का निर्णय लिया। सुधीर चौहान ने कहा सैनिकों का बदला हम लेकर रहेंगे। इस अवसर पर अशोक सोनकर, तिलक, रामदेव चौरसिया, विनोद राय, सुधीर चौहान, राकेश शर्मा, छोटेलाल रहे।
इनसेट-चीन को माकूल जवाब देने की मांग
सैयदराजा। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा की बैठक कैंप कार्यालय पर हुई। इसमें भारत चीन बार्डर पर शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान चीन का माकूल जवाब देने की मांग की गई। प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि भारत के धैर्य की परीक्षा चीन ले रहा है। उसके आक्रमता का जवाब आक्रामक तरीके से ही दिया जाना चाहिए। इस मौके पर हरेंद्र बहादुर सिंह, धीरज सिंह रहे।
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
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