बरहनी बीआरसी पर शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे बीएलओ प्रशिक्षण के दौरान नाराज
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक घंटे तक तहसीलदार का घेराव किया।
कार्यकर्ता
कम पैसे में अधिक कार्य कराने और बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगाये जाने से
नाराज थीं। सीडीपीओ के समझाने के बाद कार्यकर्ता शांत हुईं।
ब्लाक की
109 कार्यकर्ताओं को बीएलओ के रूप में ड्यूटी लगाई गयी है। शनिवार को
बीआरसी पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। दोपहर बारह बजे तहसीलदार सदर
गुलाबचंद्र पहुंचे ।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनकी ड्यूटी बीएलओ
से हटाने की मांग की। यही नहीं डीएम को संबोधित पत्रक भी तहसीलदार को दिया,
लेकिन वे प्रशिक्षण के बीच में इस तरह की मांग पर नाराज हो गए और
प्रशिक्षण छोड़ कर जाने लगे।
इस पर कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के वाहन को
रोक लिया और उन्हें घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी। चेतावनी दी कि जब तक बीएलओ
के रूप में लगी ड्यूटी नहीं हटायी जाएगी, उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा।
इस
दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहले ही उन्हें मानदेय के रूप में अत्यंत कम
पैसा मिलता है। इसके बाद लगातार उनसे काम लिया जा रहा है। अब बीएलओ के रूप
में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं इस जिम्मेदारी को निभाने क दौरान
आंगनबाडी केंद्र बंद मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसे बर्दाश्त
नहीं किया जाएगा।
करीब एक घंटे बाद तहसीलदार ने ब्लाक की सीडीपीओ को फोन
कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और सीडीपीओ ने कार्यकर्ताओं को समझाया तब वे
शांत हुईं और तहसीलदार को मुक्त किया।
घेराव करने वालों में महिमा
सिंह, दौरत देवी, नीलम सिंह, सुमनलता, अनिता, सीता, अनिता, चंचल, सरिता,
संगीता, शकीना, विनिता सिंह, कुसुम देवी, शीला देवी, रीना, इंद्रावती,
शकुंतला, निर्मला, रजनी देवी आदि रहे।