क्षेत्र के गंगा नदी के तटवर्ती इलाकों में खनन में अनियमितता बरती जा रही है। कैली, सलेमपुर, भूपौली और बियरा मौजा में 15 से 25 मीटर तक गहरी खोदाई की जा रही है जबकि परमिशन सिर्फ दो मीटर की है।
इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की जानकारी पर पहुंची राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण व सत्यापन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन विभाग ने बिना स्थलीय सत्यापन के ही खोदाई की अनुमति दे दी है। पहले ही खनन माफिया 25 मीटर तक गहरा खनन कर चुके हैं। इससे बरसात में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर तेज कटान से खेत और गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर डीएम, एसडीएम और खनन अधिकारी तक शिकायत की जा चुकी है। विरोध-प्रदर्शन के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
रात में मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली बेरोकटोक दौड़ते हैं जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की शिकायत पर कानूनगो अखिलेश मिश्रा व लेखपाल मिथिलेश ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
कानूनगो अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मौके के सत्यापन में पाया गया है कि मानक से अधिक खनन किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है।