भूपौली पंप नहर का फाटक खोले जाने से नाराज क्षेत्र के नोनारी गांव के
किसानों ने बुधवार को अवाजापुर माइनर के हेड पर खड़े होकर सिंचाई विभाग के
अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
सिंचाई
विभाग के अधिकारियों द्वारा चार दिनों तक माइनर को पूरी क्षमता के साथ
चलाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया।
बुधवार
की सुबह किसानों ने श्रमदान कर माइनर की साफ-सफाई कराई थी, लेकिन सिंचाई
विभाग के अधिकारियों द्वारा भूपौली पंप नहर का फाटक खोल दिए जाने से
ग्रामीण नाराज हो गए और आवाजापुर माइनर के हेड पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन
किया।
विरोध प्रदर्शित कर रहे लोगों का कहना रहा कि पंप कैनाल की नहर का
तटबंध पक्का होने के बावजूद इससे संबद्ध माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा
है।
माइनर में जब पानी छोड़ने की मांग की गई तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों
ने कहा कि माइनर साफ रहेगी, तो पानी छोड़ा जाएगा।
इसके बाद किसानों ने
माइनर की सफाई की लेकिन माइनर में पानी छोड़ने की जगह भूपौली पंप नहर का
फाटक खोल दिया गया। इससे पानी एवती माइनर में जाने लगा।
इससे किसान नाराज
हो गए। प्रदर्शन की सूचना के बाद एसडीओ रामसजीवन पटेल, अधिशासी अभियंता
परशुराम सिंह, जिलेदार जयप्रकाश सिंह, सींचपाल राधेश्याम यादव ने माइनर को
चार दिनों तक पूरी क्षमता के साथ चलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद किसान
शांत हुए। विरोध प्रदर्शन में राजेंद्र यादव, दया मौर्य, रामभजन, सुरेश
कुशवाहा, हिरन यादव, अमरदेव यादव, मुन्ना कुशवाहा आदि शामिल रहे।