विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर सभा एवं भाकपा
माले कार्यकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से सोमवार की मध्याह्न बारह बजे
विकास खंड कार्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। तत्पश्चात शासन के
नाम संबोधित मांग पत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
सभा को
संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुदामा पांडेय ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार
द्वारा किसानों की जमीन को उद्यमियों को सौंपने के लिए जबरन अध्यादेश लाया
गया है।
उन्होंने मनरेगा में संसोधन की नीति का भी विरोध करते हुए कहा कि
मनरेगा मजदूराें को 100 के बजाय 200 दिनों का काम की गारंटी देने के साथ
उनकी दैनिक मजदूरी 400 रुपये प्रति दिन किया जाय।
भोजन के अधिकार के तहत
सभी को राशन कार्ड जारी करने, 50 किलो अनाज की गारंटी दो रुपये प्रतिकिलो
की दर से वितरण की व्यवस्था करने, भूमिहिन गरीबों को जमीन आवंटन की
व्यवस्था करने, समाजवादी पेंशन का लाभ का दायरा बढ़ाने की मांग की।
इंकलाबी
नौजवान के जिला कमेटी सदस्य रामदुलार बिंद ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की
सरकार मिलकर किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है। कहा कि कांग्रेेस की गलत
नीतियों को मोदी सरकार भी लागू कर रही है।
इस अवसर पर बिहारी, हैदर अली,
अनिता देवी, मेंहदी हसन, दिनेश सिंह, शबाना, लक्ष्मीना एवं छोटेलाल आदि
लोग उपस्थित रहे।