चहनिया। रामगढ़ में बृहस्पतिवार को अघोराचार्य बाबा कीनाराम के तीन दिवसीय जन्मोत्सव का आगाज हुआ। कांवड़ियों ने बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा का जल लाकर किनेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके बाद बाबा कीनाराम की दर्शन-पूजन के लिए आस्थावानों का रेला उमड़ पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक सकी। भीड़ को संभालने में पुलिस और वालंटियरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जलाभिषेक और पूजन के बाद बाद रूबी सिंह, संगीता सिंह, रीता, सत्या सिंह, आशा देवी और सुगवंती देवी अन्य महिलाओं ने सोहर और मंगल गीतों की प्रस्तुतियां दीं। पूरे दिन बाबा कीनाराम और महादेव के जयकारे क्षेत्र गूंजते रहे। इस बीच सकलडीहा के सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने भी हवन-पूजन किया। देर शाम तक दर्शन-पूजन के साथ मेले में खरीदारी का सिलसिला चलता रहा।
जन्मोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। क्षेत्रीय कलाकारों ने मानस पाठ और सुंदरकांड का पाठ किया। इसमें अविनाश सिंह, राकेश तिवारी, राकेश दीक्षित और डॉ. परमानंद त्रिपाठी ने प्रस्तुति दी। वहीं, बाबा कीनाराम इंटर कॉलेज रामगढ़ के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मजीत लाल यादव, भैयालाल पाठक, किशन राय, सुमन अग्रहरी, प्रभात मिश्रा और राजेश उपाध्याय ने भी प्रस्तुतियां दीं।
इनसेट-
समता मूलक समाज के पक्षधर थे बाबा कीनाराम : सूर्यनाथ
जन्मोत्सव के दूसरे चरण में गोष्ठी हुई, जिसमें वक्ताओं ने बाबा कीनाराम के उनके विचारों और योगदान पर प्रकाश डाला। समाजसेवी सूर्यनाथ सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम ने गरीबों के उत्थान के लिए सामंतवाद के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने छुआछूत के विरुद्ध आवाज उठाई। उनका उद्देश्य समता मूलक समाज की स्थापना था। डॉ. अनिल यादव ने कहा कि बाबा कीनाराम के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। मधु सिंह और डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम ने मुगल शासकों के उत्पीड़न का विरोध किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाकर समाज में नई चेतना पैदा की। इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक अरुण सिंह, व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, धनंजय सिंह, लल्ला सिंह, इंद्रेश कुमार, रूबी सिंह, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय आदि मौजूद थे।
रामगढ़ स्थित कीनाराम की आरती करते लोग। संवाद
रामगढ़ स्थित कीनाराम की आरती करते लोग। संवाद