होली पर भेजे गए खाद्य सामग्रियों के नमूने की रिपोर्ट आ गई है। बोतलबंद पानी, दूध, बर्फी, पनीर और आइसक्रीम समेत 16 खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला की कोर्ट ने इनके निर्माता और विक्रेताओं पर 4.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी को नोटिस जारी कर तत्काल जुर्माना जमा करने का आदेश दिया है। सिद्धिविनायक का बोतलबंद पानी भी अधोमानक पाया गया। इस पर 75 हजार जुर्माना लगाया गया है। हालांकि कोई भी खाद्य पदार्थ असुरक्षित श्रेणी में नहीं मिला।
खाद्य एवं औषधीय विभाग की तरफ से होली, दीपावली, होली समेत अन्य पर्वाें पर खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है। मिलावट की आशंका पर दूध, मिठाई, खोवा समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लैब में जांच के लिए भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने पर एडीएम कोर्ट में उन पर वाद दाखिल किया जाता है। फिर जुर्माना तय होता है। सहायक आयुक्त खाद्य शशि शेखर ने बताया कि होली के समय 50 से अधिक सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। इसमें 16 खाद्य पदार्थ अधोमानक पाए गए। जिसके बाद कोर्ट में उसका वाद दाखिल किया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार एक माह के अंदर जुर्माना नहीं भरा गया तो दुकानदारों के खिलाफ आरसी जारी किया जाएगा। खाद्य विभाग की ओर से जारी लाइसेंस को निरस्त कर दिया जाएगा। सहायक आयुक्त ने कहा कि दूषित खाद्य और पेय पदार्थों की बिक्री की शिकायत मिली तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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नमूने फेल होने पर दो प्रकार से होती है कार्रवाई
जांच के लिए भेजे जाने वाले नमूने दो प्रकार से फेल होते हैं। एक वह जिनमें कोई ऐसी मिलावट तो नहीं होती लेकिन वे मानव शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। दूसरे इन्हें अधोमानक या सब स्टैंडर्ड कहा जाता है। इनके लिए अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाता है। दूसरे वे नमूने वे फेल होते हैं जिनमें की गई मिलावट मानव शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे मामले हानिकारक की श्रेणी में आते हैं। इनके लिए एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाता है।
ये की गई थी मिलावट
सहायक आयुक्त खाद्य शशिकांत ने बताया कि दूध और पनीर में फैट की कमी मिली। सरसों के तेल में दूसरे तेल की मिलावट पाई गई। चायपत्ती सब स्टैंडर्ड, बर्फी में स्टार्च होने से नमूने फेेल हुए। पानी भी शुद्धता की श्रेणी में अच्छा नहीं रहा। जिसके कारण उसका सैंपल भी फेल हो गया, हालांकि हानिकारक बैक्टरिया नहीं पाए गए।
इनपर हुई कार्रवाई
विक्रेता का नाम, नमूना, जुर्माना
-मनोज कुमार बिंद, बौरीबोझ, दूध 15 हजार
- महेंद्र यादव जंसा, छेना, 10 हजार
- वीरेंद्र कुमार मोढ़, बर्फी, 25 हजार
- मो. अबरार मंसूरी भदोही, दूध, 15 हजार
- प्रकाश केसरवानी नारेपार, बेसन, 10 हजार
- विजय कुमार कुसौड़ा, बर्फी, 25 हजार
- शिवशंकर यादव जमुनीपुर, दूध, 15 हजार
- आयुष जायसवाल कंसापुर, खोवा, 25 हजार
- राकेश पर्वतपुर, खोवा, 25 हजार
- राम प्रताप खेमईपुर, चायपत्ती, 25 हजार
- विनोद कुमार मैलोना, आइस्क्रीम, 35 हजार
-अशोक यादव गोविंदपट्टी, दूध, 15 हजार
- विनय अग्रहरि, पश्चिम मोहाल गोपीगंज, पानी, 75 हजार
- राजकुमार पाल पर्वतपुर, सरसों का तेल, 20 हजार
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वर्जन
- जो भी नमूने जांच में अधोमानक पाए जाते हैं। उनकी रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दायर किए जाते हैं। ऐसे ही 16 मिलावटखोरों पर सुनवाई के बाद अपर जिलाधिकारी ने चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। - शशिकांत, सहायक आयुक्त खाद्य भदोही
रक्षाबंधन पर जांच के लिए भेजे गए 14 सैंपल
सहायक आयुक्त खाद्य शशिकांत ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर जिले भर में अभियान चलाया गया था। इस बीच संदिग्ध मिले खाद पदार्थों के 14 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।