नौगढ़। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने आई प्रसूताओं से स्टाफ नर्स द्वारा रिश्वत मांगने व जच्चा-बच्चा को बंधक बनाए जाने का आरोप लगने के बाद सीएमओ ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। उन्होंने घटना को शर्मसार करने वाला बताया है। सीएमओ का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई होगी।
चकरघट्टा थाना क्षेत्र के नर्वदापुर गांव के नंदू ने अपनी गर्भवती बहू रीमा को शुक्रवार की रात सीएचसी में भर्ती कराया था। उनका आरोप है कि डिलीवरी कराने के लिए स्टाफ नर्स ने रिश्वत की मांग की और मुंहमांगी रकम न देने पर शनिवार को जच्चा-बच्चा को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। नंदू का आरोप है कि पत्नी और नवजात बच्ची को लेकर जाने को हुए तो स्टाफ नर्स ने 12 हजार 500 रुपये देने पर ही छोड़ने को कहा। इसके अलावा एक और लिखित शिकायत में भैसौडा गांव के संजय कुमार ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी तेतरी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद डिलीवरी रूम में स्टाफ नर्स बसंती मौर्या ने इतने थप्पड़ मारे गए कि नाक से खून बहने लगा।
जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी में नि:शुल्क डिलीवरी की व्यवस्था की गई है। दोनों प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अगर रिश्वत लेने या प्रसूता का उत्पीड़न करने का मामला प्रकाश में आया तो स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बीपी द्विवेदी, सीएमओ।
नौगढ़। क्षेत्र में किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार को लेकर काम कर रही ग्राम्या संस्था और महिला स्वास्थ्य अधिकार मंच की कोऑर्डिनेटर नीतू सिंह ने कहा है कि प्रसूता से रिश्वत मांगने और दूसरी प्रसूता को थप्पड़ मारने के मामले में पीड़ित परिवारों से बात कर स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। डीएम से नर्स की शिकायत की जाएगी।