चंदौली। चकिया ब्लाक के भाष्करपुर के प्रधान राजेश यादव के वित्तीय और अधिकारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रधान के खिलाफ जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। वहीं बगैर कार्य कराए ही प्रधान के द्वारा विभिन्न मदों में भुगतान करने की पुष्टी हुई है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने प्रधान के खिलाफ जांच के लिए तीन अधिकारियों को नियुक्त किया है। साथ गांव में विकास कार्यों को संचालित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
भाष्करपुर के ग्रामीण धनंजय और रमेश ने डीएम नवनीत सिंह चहल को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान राजेश यादव विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर धांधली किया है। डीएम के निर्देश पर जांच अधिकारी कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल और पीडब्लूडी के एसडीओ सुदामा राम गांव पहुंच लोगों का बयान दर्ज किया। इस दौरान अधिकारियों ने विकास कार्यो का भौतिक सत्यापन भी किया। जांच में अधिकारियों ने पाया कि गांव में 64 शौचालयों का निर्माण कराए बगैर धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। वहीं फर्जी रुप से 20 कूप के जगत के निर्माण के लिए लाखों रुपये हस्तांतरित कर लिया गया। वहीं हैंडपम्पों के रिबोर मद में 1.10 लाख का सामन तथा 1.38 लाख रुपये मजदूरी में भुगतान किया गया है। लेकिन सत्यापन में किसी भी हैंडपम्प का रिबोर नहीं पाया गया। वहीं नाली निर्माण के नाम पर गलत ढंग से 78950, रास्ता निर्माण में 2.60 लाख, सीसी रोड निर्माण में 1.09 लाख, नदी तालाब में सीढ़ी निर्माण में चार लाख सामन तथा छह लाख मजदुरी के रुप में भुगतान किया गया है। लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ है। डीएम ने जांच अधिकारियों के रिपोर्ट के आधार पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दिया है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, डीएसटीओ और एक्सईएन आरईडी को मामले की जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।