उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘झूठा’ और ‘विश्वासघाती’ बताते हुए कहा कि सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही है। आप सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पहले धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने का काम कर रही थी और अब 'साजिश के तहत' जातियों को आपस में लड़ाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश में मुसलमानों से दूरी बनाते हैं, लेकिन विदेशों में मुस्लिम देशों के नेताओं से गले मिलते हैं और मस्जिदों में भी जाते हैं।
संजय सिंह ने वाराणसी के डुमरी गांव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह गांव प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिया गया है, लेकिन यहां गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं गांव में गए और लोगों की समस्याएं सुनीं, जिन्हें देखकर उन्हें 'बहुत कष्ट' हुआ। इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का भी जिक्र किया। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को वहां जाने से रोक रही है।
संजय सिंह ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री वाराणसी के सांसद हैं, तो उन्हें अन्य सांसदों के साथ मौके पर जाकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सभा में आप कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। वहीं, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।