शहाबगंज। रसिया गांव में सोमवार की दोपहर में कच्चे मकान के पास से ईंट हटाते समय मकान ढह गया। इससे पिता पुत्र मलबे में दब गए। शोर सुनकर एकत्र लोगों ने अथक प्रयास कर दोनों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
रसिया गांव निवासी लालता राम (62) अपने पुत्र लाल बहादुर शास्त्री (25) के साथ दीपावली के लिए सफाई में जुटे थे। दोपहर में दोनों पुराने कच्चे मकान के पास रखी ईंटों को हटाने लगे। पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण मकान की दीवार पूरी तरह भींग गई थी और जर्जर थी। दीवार कमजोर होने के कारण जैसे ही वहां पहले से पड़ी ईटें हटीं तभी दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पिता और पुत्र दोनों दीवार के मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आस पास के लोग एकत्र हो गए।
पिता पुत्र को दबा देख कर अथक प्रयास कर मलबे को हटाया और दोनों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने 108 नंबर एंबुलेंस की सहायता से दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने दोनों की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि दीवार गिरने से पिता पुत्र जख्मी हुए हैं। दोनों का इलाज किया जा रहा है।