पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में गर्भवती को एफसीएम डोज लगाए जाने दौरान मौजूद चिकि
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पीडीडीयू नगर। जिले में खून की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं को अब एफसीएम (फेरिक कार्बेाक्सिमाल्टोज) इंजेक्शन की एक ही डोज से राहत मिल सकेगी। पहले, गर्भवती महिलाओं को खून की कमी दूर करने के लिए नौ महीने में आयरन सुक्रोज के 10 या उससे अधिक इंजेक्शन लगवाने पड़ते थे।
बुधवार को जिले में पहली बार पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में इस नई विधि का इस्तेमाल किया गया, जहां जिला वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. शिप्रा सिंह की निगरानी में एफसीएम इंजेक्शन लगाया गया। डॉ. शिप्रा सिंह ने बताया कि एफसीएम इंजेक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है। यह इंजेक्शन निजी अस्पतालों में तीन से साढ़े तीन हजार रुपये में मिलता है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह निशुल्क दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इंजेक्शन को गर्भवती महिलाओं को केवल एक बार लगाना होता है और इससे किसी प्रकार के दुष्प्रभाव का कोई खतरा नहीं होता है। राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्पताल में आने वाली 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं खून की कमी का शिकार होती हैं। इनको लगने वाली सिंगल डोज इंजेक्शन की मात्रा उसके वजन के अनुसार तय की जाएगी।