स्थानीय ग्राम सभा के पांडेय मोहल्ले में बुधवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। एक अवारा कुत्ते ने 85 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया। लोगों ने महिला ने खुद को छुड़ाने के लिए कुत्ते पर लाठी से वार किए फिर भी कुत्ते ने महिला को नहीं छोड़ा। उनके दरोगा बेटे ने कुत्ते के खूंखार जबड़े को अपने हाथों से फाड़कर अपनी मां की जान बचाई।
भदोही जनपद में दरोगा के पद पर बेटे दिवाकर ने बताया कि टांडाकला में मां मुन्ना पांडेय (85) अपने घर के बाहर गली में 5 वर्षीय भांजी के साथ बैठी थीं। इसी बीच गंगा घाट की ओर से आए एक सफेद रंग के अवारा कुत्ते ने उन पर हमला बोल दिया। कुत्ते ने मां का दाहिना हाथ पकड़ लिया और मांस नोचने लगा। भांजी की चीख-पड़ोस का युवक चुलबुल क्रिकेट बैट लेकर बचाने दौड़ा लेकिन कुत्ता टस से मस नहीं हुआ। वह मां को लहूलुहान कर दिया। दिवाकर ने बताया कि वह इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर घर आया हुआ है। घटना के वक्त वह मकान के दूसरी मंजिल पर आराम कर रहे। चीख सुनकर नीचे का मंजर देख दिवाकर सन्न रह गए। कुत्ता उनकी मां के दाहिन हाथ को जबड़े से पकड़ा था। मां को तड़पता देख दिवाकर ने जान की परवाह किए बिना कुत्ते पर छलांग लगा दी। उन्होंने अपने दोनों हाथों से कुत्ते का जबड़ा पकड़कर उसे पूरी ताकत से फाड़ दिया और मां का हाथ छुड़ाया। इसके बाद दिवाकर कुत्ते को रस्सी से बांध दिया। कुत्ते के हमले से मुन्ना की मांसपेशियां फट गई थीं। दिवाकर पांडेय ने तत्काल निजी साधन से उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार और टीकाकरण किया गया। बताया कि गांव में अवारा कुत्तों का आतंक है। आए दिन राहगीरों और बच्चों पर हमले हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा शासन-प्रशासन को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।