पीडीडीयू नगर। नगर से सटे रौना गांव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य एक महीने में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए कार्यदायी संस्था ने मौके पर निर्माण सामग्री भेजने का काम शुरू कर दिया है।
हालांकि, निर्माण से संबंधित ड्राइंग और सीमेंट, छड़ व गिट्टी आदि के इस्तेमाल के लिए आईआईटी बीएचयू से अनुमति मिलना अभी बाकी है। करीब 126 करोड़ 78 लाख रुपये से 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा।
नगर और रेलवे कॉलोनियों से निकलने वाला करीब 40 एमएलडी पानी नालों के जरिये गंगा नदी में गिरता है। इससे नदी के प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए गंगा प्रदूषण इकाई की ओर से एसटीपी निर्माण का ठेका एक कंपनी को दिया गया है। जमीन अधिग्रहण के बाद पिलर लगा दिए गए हैं। अब कंपनी ने निर्माण सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है।
योजना के तहत रौना गांव में एसटीपी के निर्माण के साथ लेढ़ापुर और मवई कला गांव के समीप 17 एमएलडी क्षमता का सीवेज पंपिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। यहां नालों को टैप कर गंदे पानी को 3.75 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के जरिये रौना स्थित एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। प्लांट में गंदे पानी का शोधन करने के बाद उसे गंगा में छोड़ा जाएगा।
इससे नगर और रेलवे कॉलोनियों से निकलने वाले सीवेज को सीधे नदी में गिरने से रोकने में मदद मिलेगी। इस संबंध में गंगा प्रदूषण नियंंत्रण इकाई के परियोजना अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि कंपनी की ओर से निर्माण समाग्री पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। संवाद